
अर्चना पूरन सिंह की फाइल फोटो | Photo- Archana Puran Singh
Archana Puran Singh Disease CRPS : 'द कपिल शर्मा शो' की लाफ्टर क्वीन अर्चना पूरन सिंह (Archana Puran Singh) एक दर्दनाक बीमारी से जूझ रही हैं। अर्चना के बेटे आयुष्मान सेठी ने इमोशनल वीडियो शेयर कर कहा, "मॉम के लिए यह साल सबसे मुश्किल भरा रहा। शूटिंग के दौरान उनका हाथ टूटा और फिर उन्हें एक दुर्लभ बीमारी कॉम्प्लेक्स रीजनल पेन सिंड्रोम (CRPS) हो गई। इसका मतलब है कि उनका हाथ अब कभी पहले जैसा नहीं होगा।" पर वाकई CRPS कभी ठीक नहीं हो सकता है, ये क्यों (CRPS Causes) होता है और ये इतना दर्दनाक (CRPS Painful) क्यों होता है। ये सारी बातें हम डॉ. मिहिर थानवी (ऑर्थोपेडिक सर्जन), डॉ. रिंकू कुमार शर्मा (न्यूरोसर्जन), डॉ मुकेश असवाल (ऑर्थोपेडिक) से जानेंगे।
अर्चना को चोट साल 2025 में फिल्म 'विकी विद्या का वो वाला वीडियो' की शूटिंग के दौरान लगी थी। इसके बाद मुंबई के नानावटी मैक्स हॉस्पिटल में सर्जरी हुई। फिर वो CRPS जैसी गंभीर स्थिति में पहुंच गई जिसमें चोट के बाद दर्द बहुत तेज महसूस होता है। इसके बाद अर्चना ने काम करना नहीं छोड़ा और पूरी हिम्मत के साथ शूटिंग करती रहीं।
डॉ. रिंकू ने कॉम्प्लेक्स रीजनल पेन सिंड्रोम को आसान भाषा में समझाते हुए कहा, नर्व की भी मेमोरी होती है, जब चोट लगता है तो ये ब्रेन में फीड कर देता है। यही कारण है कि दर्द दिमाग में रह जाता है। जैसे आज आपको चोट लगी तो 20 साल बाद भी आपका वो दर्द महसूस हो सकता है। कई मामलों में बिना चोट लगे भी ऐसा महसूस हो सकता है। ये एक दुर्लभ सिंड्रोम है। इसके अलग प्रकार हैं-
आगे उन्होंने बताया कि मरीज का दर्द किस प्रकार का है। उसी आधार पर इलाज किया जाता है। कई लोग इसको लेकर घबरा जाते हैं पर सही इलाज होने पर आराम मिल जाता है। चूंकि, ये दर्द दिमाग से जुड़ा है इसलिए पहले उसे वहीं से दूर करना जरूरी है।
डॉ. मिहिर का कहना है कि इस सिंड्रोम को लेकर बहुत शोध नहीं हो पाया है। इसलिए, सटीक कारण का कह पाना मुश्किल है। पर, ये दर्द नर्व से जुड़ा है। काफी हद तक मनोवैज्ञानिक भी है। ऐसे सिंड्रोम से जूझ रहे मरीज को हल्की चोट भी दर्दनाक महसूस होती है। थोड़ा छू लेने पर भी वो चीख पड़ता है। मतलब कि चोट उतनी गहरी नहीं है फिर भी दर्द उसको बहुत अधिक होता है।
सीआरपीएस के कारण को समझाते हुए उन्होंने कहा कि ये सिर्फ चोट के कारण ही नहीं बल्कि, सर्जरी, स्ट्रोक या दिल के दौरे के बाद विकसित होती है। ये चाहे जिस कारण से हो भयंकर दर्द होना एक कॉमन लक्षण है।
वो कहते हैं कि कॉम्प्लेक्स रीजनल पेन सिंड्रोम के लक्षण समय के साथ बदल सकते हैं और व्यक्ति के हिसाब से अलग भी हो सकते हैं:
डॉ मुकेश कहते हैं, अगर आपको चोट लगी है। उसके बाद से अगर आपको लक्षण दिखते हैं तो ये सीआरपीएस हो सकता है। हालांकि, ये आप खुद से तय ना करें। इसके लिए आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए। तब जाकर सही से इलाज किया जाता है। ये 10 में से एकाध मरीज को ही होता है। खासकर, उन लोगों को जो किसी चीज को लेकर ओवरथिंक करते हैं। अगर कभी हल्की चोट लगे तो उसको लेकर बहुत अधिक ना सोचें या बार-बार डिस्कस ना करे।
जैसा कि अर्चना के बेटे ने कहा है, "उनका (अर्चना पूरन) हाथ अब कभी पहले जैसा नहीं होगा…।", इस पर तीनों डॉक्टर ने अहसमति जताते हुए बताया कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा पता नहीं। पर सीआरपीएस ऐसा नहीं है। ये समय के साथ ठीक हो सकता है। इसके लिए थेरेपी, दवाईयां हैं। कुछ मरीज जल्दी तो कुछ देर सवेर ठीक हो जाते हैं। ये कोई लाइलाज बीमारी नहीं है।
कुछ मेडिकल अध्ययनों के अनुसार, हड्डी टूटने या सर्जरी के बाद डॉक्टर की सलाह पर विटामिन C की खुराक लेने से CRPS का खतरा कम हो सकता है। साथ ही प्रभावित अंगों को हिलाना-डुलाना या फिजियोथेरेपी शुरू करना बहुत फायदेमंद हो सकता है। साथ ही अगर चोट ठीक होने पर भी दिक्कत महसूस हो तो डॉक्टर बिना देरी किए मिलना चाहिए। कई बार देरी करने से ये मामला बिगड़ सकता है। शायद इलाज कराने पर जल्दी फायदा ना मिले।
Published on:
16 Jan 2026 09:00 am
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