
CG News: क्रेशर प्लांट से उड़ने वाली धूल आज ग्रामीण और रिहायशी इलाकों के लिए गंभीर संकट बन चुकी है। पत्थरों की क्रशिंग के दौरान निकलने वाली महीन धूल हवा के साथ घरों, खेतों और सड़कों तक फैल जाती है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य, पर्यावरण और आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है। सांस की बीमारियों से लेकर फसलों के नुकसान तक, क्रेशर प्लांट की धूल स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है। खैरागढ़ राजनांदगांव मार्ग पर संचालित क्रेशर प्लांट और चूना पत्थर खदानों की वजह से इलाके में गंभीर पर्यावरणीय और मानवीय संकट पैदा हो गया है।
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