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माधुरी दीक्षित ने 1.95 करोड़ का फ्लैट दोगुने दाम में बेचा; फिर भी 4.6 करोड़ का नुकसान कैसे हुआ?

Madhuri Dixit Flat Deal: माधुरी दीक्षति को अपने फ्लैट की दोगुनी कीमत मिली, लेकिन फिर भी ये सौदा घाटे का रहा। समझिए कैसे?

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माधुरी दीक्षित और पति श्रीराम नेने ने जुहू वाला फ्लैट बेचा (PC: Instagram)

एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित और उनके पति श्रीराम नेने ने मुंबई के जुहू में अपना एक लग्जरी अपार्टमेंट 3.9 करोड़ रुपये में बेचा है। यह फ्लैट दीप वर्षा को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी, आयरिस पार्क की चौथी मंजिल पर है। देखने में तो ये सौदा काफी प्रॉफिटेबल लगता है, लेकिन अगर निवेश के पैरामीटर की कसौटी पर इसको रखकर देखा जाए उन्हें फायदा नहीं बल्कि नुकसान हुआ है, वो भी 4.6 करोड़ रुपये का।

मुनाफा डबल फिर भी घाटा?

माधुरी दीक्षित और उनके पति ने 780 स्क्वैयर फीट का ये अपार्टमेंट आज से 13 साल पहले साल 2012 में 1.95 करोड़ रुपये में खरीदा था और दिसंबर 2025 में 3.9 करोड़ रुपये में बेचा। मतलब कि प्रॉपर्टी को उन्होंने दोगुने रेट पर बेचा। मगर हम इसे घाटे का सौदा क्यों कह रहे हैं? क्योंकि 13 साल बाद 1.95 करोड़ के मुनाफे की जगह उनका मुनाफा 4.6 करोड़ रुपये हो सकता था। अगर वो सिर्फ सही असेट क्लास चुन लेते। अब ये क्यों मायने रखता है, इसको समझिए।

सही असेट क्लास चुनना जरूरी

जब हम निवेश की बात करते हैं तो हमारे सामने कई सारे असेट क्लास होते हैं। म्यूचुअल फंड्स, रियल एस्टेट, गोल्ड और इक्विटी मार्केट्स. आमतौर पर लोग इन्हीं में निवेश करते हैं। निवेश हमेशा लंबी अवधि के लक्ष्यों और अपनी रिस्क क्षमता के हिसाब से किया जाता है। जैसे, जो लोग ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहते हैं, वो कम रिटर्न और ज्यादा सेफ इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं, जैसे कि फिक्स्ड डिपॉजिट। लेकिन जो लोग ज्यादा रिटर्न चाहते हैं, लंबी अवधि में जोखिम लेने की क्षमता रखते हैं, तो उनके लिए इक्विटी मार्केट या इक्विटी म्यूचुअल फंड्स होता है। जहां पर 12-18% का सालाना रिटर्न मिल सकता है, ये इस बात पर निर्भर करता है कि बाजार कैसा है। जहां तक रियल एस्टेट का सवाल है, भारत में रियल एस्टेट, खासकर रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी ने बीते 15 सालों में औसतन 6-9% सालाना रिटर्न (CAGR) दिया है।

महंगाई का फैक्टर न भूलें

आप कहां निवेश कर रहे हैं, ये तय करते समय अक्सर हम एक भूल कर जाते हैं। हम महंगाई के इफेक्ट को नजरअंदाज कर देते हैं. महंगाई का औसत 6% है, भले ही अभी रिटेल महंगाई कम है। उस हिसाब से FD, या फिर रियल एस्टेट या कोई दूसरे डेट इंस्ट्रूमेंट्स महंगाई को पूरी तरह से मात नहीं दे पाते, ऐसे में निवेश का पूरा उद्देश्य ही खत्म हो जाता है। क्योंकि समय के साथ पैसों की वैल्यू कम होती है। अगर आपका निवेश महंगाई के हिसाब से नहीं बढ़ रहा है तो वो निवेश आपकी जरूरतें पूरी नहीं कर सकता है।

फायदा नहीं नुकसान हुआ, देखिए कैलकुलेशन

अब लौटते हैं डील पर, माधुरी दीक्षित और श्रीराम नेने ने जो रियल एस्टेट डील की है, जिसमें मुनाफा दोगुना लग रहा है, दरअसल म्यूचुअल फंड के सामने ये सिर्फ 5.5% का ही रिटर्न है। जबकि महंगाई का औसत 6% है। यानी महंगाई की नजर से देखें तो रिटर्न निगेटिव होता है। इसमें हम कैपिटल गेन टैक्स कितना चुकाया गया, इस पर नहीं जाएंगे, नहीं तो रिटर्न इससे भी कम हो जाएगा.

मान लीजिए कि माधुरी दीक्षित और उनके पति श्रीराम नेने ने 13 साल पहले 1.95 करोड़ रुपये की रकम को रियल एस्टेट में निवेश नहीं करके इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश किया होता तो, आज की तारीख में उनके निवेश की क्या वैल्यू होती। कैलकुलेशन देखते हैं.

एकमुश्त निवेश1.95 करोड़ रुपये
निवेश की अवधि13 साल
अनुमानित रिटर्न12%
कुल रिटर्न 6.55 करोड़ रुपये
कुल राशि8.50 करोड़ रुपये

यानी माधुरी और उनके पति को 13 साल बाद 8.50 करोड़ रुपये मिलते, जबकि रियल एस्टेट डील में फ्लैट बेचकर उन्हें 3.90 करोड़ रुपये मिले हैं. यानी म्यूचुअल फंड में निवेश से उन्हें 6.55 करोड़ रुपये रिटर्न मिलता, जबकि रियल एस्टेट में उन्हें 1.95 करोड़ रुपये ही मिले हैं. यानी उन्हें 4.6 करोड़ रुपये का ऑपर्च्युनिटी लॉस हुआ। हालांकि ये सिर्फ सांकेतिक है। रिटर्न तो बाजार जोखिमों के अधीन होता है। कभी ज्यादा तो कभी कम। लेकिन एक बात संभावना ज्यादा ही रहती कि उनको रियल एस्टेट से ज्यादा रिटर्न मिलता।

तो आपने देखा कि पैसा वही, अवधि वही लेकिन सिर्फ असेट क्लास अलग चुनने से कैसे रिटर्न में भारी अंतर आ गया।

हम यहां पर ये नहीं कह रहे हैं कि रियल एस्टेट में निवेश नहीं करना चाहिए, न हमारी ऐसी कोई राय है। ये सिर्फ एक तुलनात्मक अध्ययन है। आपको कहां निवेश करना है, इसका फैसला आप अपने निवेश सलाहकार से बात करके ही करें।