
प्रतीकात्मक तस्वीर | ChatGPT
हर साल जब देश तिरंगा फहराकर आजादी का जश्न मनाता है, ठीक उसी वक्त मुंबई के फिल्म स्टूडियो भी अपने सबसे बड़े दांव खेलने की तैयारी में जुट जाते हैं। स्वतंत्रता दिवस अब सिर्फ एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि बॉलीवुड के कैलेंडर की सबसे बड़ी "रिलीज विंडो" में से एक बन चुका है। हर साल औसतन तीन से चार बड़ी हिंदी फिल्में इस लंबे वीकेंड के आसपास सिनेमाघरों में उतरती हैं - कभी दो सितारे आमने-सामने टकराते हैं, तो कभी अकेला बड़ा नाम पूरे बॉक्स ऑफिस पर राज करता है।
इस साल यानी 2026 में भी यह परंपरा कायम है, हालांकि सूची में कुछ बदलाव देखने को मिले हैं। सनी देओल की पीरियड ड्रामा "बटवारा 1947" और इमरान हाशमी की वापसी वाली "अवारापन 2" 14 अगस्त को रिलीज हो रही हैं। इस बार भी वीकेंड पर दो बड़ी फिल्में दर्शकों के सामने विकल्प के तौर पर मौजूद हैं - ठीक वैसा ही पैटर्न जो पिछले एक दशक से चला आ रहा है।
स्वतंत्रता दिवस पर फिल्म रिलीज करने का चलन नया नहीं है। "कभी अलविदा ना कहना" (2006) और "चक दे इंडिया" (2007) जैसी फिल्मों से शुरू हुआ यह सिलसिला 2012 में सलमान खान की "एक था टाइगर" के साथ एक नए मुकाम पर पहुंचा। फिल्म ने पहले ही दिन करीब ₹33 करोड़ का कलेक्शन किया और अंततः लगभग ₹199 करोड़ की कमाई के साथ उस साल की सबसे बड़ी हिट साबित हुई।
इसके बाद अजय देवगन की "सिंघम रिटर्न्स" (2014) ने भी 15 अगस्त के मौके का भरपूर फायदा उठाया और करीब ₹140 करोड़ का लाइफटाइम कलेक्शन जुटाया।
2016 में अक्षय कुमार की "रुस्तम" ने भी इस विंडो में अच्छी कमाई की, जबकि उसी दिन रिलीज हुई ऋतिक रोशन की महंगी फिल्म "मोहनजोदड़ो" उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी और फ्लॉप की श्रेणी में चली गई - यह दिखाता है कि सिर्फ सही तारीख चुन लेना सफलता की गारंटी नहीं देता। 2017 में अक्षय कुमार की ही "टॉयलेट: एक प्रेम कथा" ने सामाजिक मुद्दे पर आधारित कहानी से दर्शकों का दिल जीता और ₹134 करोड़ से ज़्यादा की कमाई की।
2018 में एक दिलचस्प क्लैश देखने को मिला - अक्षय कुमार की "गोल्ड" और जॉन अब्राहम की "सत्यमेव जयते" एक ही दिन रिलीज हुईं। रिपोर्टों के मुताबिक "गोल्ड" ने करीब ₹108 करोड़ और "सत्यमेव जयते" ने लगभग ₹90 करोड़ का कलेक्शन किया। अगले साल, यानी 2019 में, यह क्लैश और भी बड़ा हुआ जब अक्षय कुमार की "मिशन मंगल" ने ₹200 करोड़ के पार का आंकड़ा छुआ, जबकि जॉन अब्राहम की "बाटला हाउस" ने भी सम्मानजनक ₹98 करोड़ के आसपास कमाई की।
महामारी के बाद के सालों में इस विंडो ने और भी बड़ा रूप ले लिया। 2023 में सनी देओल की "गदर 2" ने 11 अगस्त को रिलीज होकर पूरे इंडस्ट्री के रिकॉर्ड तोड़ दिए - फिल्म ने भारत में ही ₹625 करोड़ से ज्यादा की कमाई की और साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शुमार हुई। लेकिन यह रिकॉर्ड अधिक दिन नहीं टिका।
2024 में श्रद्धा कपूर और राजकुमार राव की हॉरर-कॉमेडी "स्त्री 2" ने 15 अगस्त को रिलीज होकर वैश्विक स्तर पर लगभग ₹875 करोड़ की कमाई कर डाली और "गदर 2" को पीछे छोड़ते हुए स्वतंत्रता दिवस पर रिलीज हुई अब तक की सबसे बड़ी हिंदी फिल्म का खिताब हासिल कर लिया। दिलचस्प बात यह रही कि यह जीत किसी देशभक्ति फिल्म ने नहीं, बल्कि एक हॉरर-कॉमेडी ने दर्ज की।
हालांकि हर साल यह विंडो सफलता की गारंटी नहीं देती। 2025 में ऋतिक रोशन और एनटीआर जूनियर की बहुप्रतीक्षित "वॉर 2" 14 अगस्त को भारी बजट (करीब ₹400 करोड़) के साथ रिलीज हुई, लेकिन उम्मीदों के मुताबिक कमाई नहीं कर सकी और इसे बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ा झटका माना गया - यह याद दिलाता है कि बड़ा बजट और बड़े सितारे भी हमेशा सफलता की गारंटी नहीं होते।
| फिल्म का नाम | रिलीज वर्ष | अनुमानित कलेक्शन | नतीजा |
|---|---|---|---|
| एक था टाइगर | 2012 | लगभग ₹199 करोड़ | सुपरहिट |
| सिंघम रिटर्न्स | 2014 | लगभग ₹140 करोड़ | सुपरहिट |
| टॉयलेट: एक प्रेम कथा | 2017 | लगभग ₹134 करोड़ | सुपरहिट |
| मिशन मंगल | 2019 | ₹200 करोड़ से अधिक | सुपरहिट |
| गदर 2 | 2023 | ₹625 करोड़ से अधिक (भारत) | ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर |
| स्त्री 2 | 2024 | लगभग ₹875 करोड़ (वर्ल्डवाइड) | ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर |
| गोल्ड | 2018 | लगभग ₹108 करोड़ | औसत/हिट |
| सत्यमेव जयते | 2018 | लगभग ₹90 करोड़ | औसत |
| बाटला हाउस | 2019 | लगभग ₹98 करोड़ | औसत |
| मोहनजोदड़ो | 2016 | लगभग ₹58 करोड़ | फ्लॉप |
| वॉर 2 | 2025 | लगभग ₹238 करोड़ (भारत नेट) — ₹400 करोड़ बजट पर | बड़ा फ्लॉप |
(यह आंकड़े ट्रेड रिपोर्टों और मीडिया कवरेज पर आधारित अनुमान हैं; अंतिम आधिकारिक संख्याओं में थोड़ा अंतर संभव है।)
पिछले डेढ़ दशक की तस्वीर देखें तो साफ है कि स्वतंत्रता दिवस बॉलीवुड के लिए एक "लकी चार्म" जरूर रहा है, लेकिन यह किसी फिल्म की सफलता की अंतिम गारंटी नहीं। "एक था टाइगर", "गदर 2" और "स्त्री 2" जैसी फिल्मों ने इस विंडो को इतिहास में दर्ज कराया, तो "मोहनजोदड़ो" और "वॉर 2" जैसी बड़े बजट की फिल्में यह भी साबित करती हैं कि सिर्फ राष्ट्रीय छुट्टी और बड़ा सितारा किसी फिल्म को हिट नहीं बना सकते - कहानी, मार्केटिंग और दर्शकों की नब्ज पकड़ना उतना ही जरूरी है।
इस साल "बटवारा 1947", "अवारापन 2", के बीच जो मुकाबला होगा, जो आने वाले हफ्तों में इस परंपरा में एक नया चैप्टर जोड़ेगा।
Updated on:
12 Aug 2026 04:28 pm
Published on:
12 Aug 2026 04:28 pm
