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35 की उम्र के बाद बीपी की जांच जरूरी, अनदेखी जान पर पड़ सकती है भारी, जानें बचाव के आसान तरीके

क्या आप जानते हैं कि आपकी उम्र बढ़ने के साथ आपके दिल की सेहत पर खतरा मंडरा सकता है? हाई ब्लड प्रेशर को पहचानकर और अपनी जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करके आप इसे मात दे सकते हैं, जानिए कैसे!
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भारत

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Adarsh Thakur

Aug 22, 2026

Blood Pressure Check

ब्लड प्रेशर की जांच कब कराएं? (फोटोः एआई)

मध्यम आयु (लगभग 35–60 वर्ष) में उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) एक आम लेकिन अक्सर अनदेखी कर दी जाने वाली समस्या है। यदि इसका समय रहते बचाव न किया जाए तो दिल, दिमाग और गुर्दे जैसे महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। आइए समझते हैं कि इस उम्र में उच्च रक्तचाप से कैसे बचा जा सकता है।

शुरुआती जांच का महत्व

भारत में हालिया शोध के अनुसार, मध्यम आयु वर्ग में उच्च रक्तचाप की पहचान में देरी होती है। “लॉन्गिट्यूडिनल एजिंग स्टडी इन इंडिया” (LASI) ने पाया कि 35–39 वर्ष की उम्र में रक्तचाप में तेज वृद्धि होती है और इसी उम्र से नियमित जांच शुरू करना सबसे प्रभावी माना गया है। इसलिए, 35 वर्ष की उम्र से ही नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराना समझदारी है।

स्वस्थ जीवनशैली: सबसे प्रभावी ढाल

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) स्पष्ट रूप से बताता है कि जीवनशैली में बदलाव उच्च रक्तचाप को रोकने और नियंत्रित करने में सबसे पहला कदम है। इसमें शामिल हैं:

नमक (सोडियम) का सेवन कम करना: डब्लयूएचओ के अनुसार वयस्कों को रोजाना 5 ग्राम नमक (2 ग्राम सोडियम) से अधिक नहीं लेना चाहिए।

DASH (बीपी रोकने वाला) आहार अपनाना: यह फल, सब्जियां, साबुत अनाज, कम वसा वाले डेयरी उत्पादों पर आधारित है और उच्च रक्तचाप को 6–14 mmHg तक कम कर सकता है।

नियमित व्यायाम: WHO की सिफारिश है कि वयस्कों को प्रति सप्ताह कम से कम 150–300 मिनट मध्यम तीव्रता वाला व्यायाम करना चाहिए, या 75–150 मिनट तेज व्यायाम। यह उच्च रक्तचाप की शुरुआत को रोकने में मदद करता है।

वजन नियंत्रण: मेयो क्लिनिक के अनुसार, अतिरिक्त वजन कम करने से हर किलो वजन घटने पर सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर लगभग 1 mmHg तक कम हो सकता है।

शराब और तंबाकू से बचाव: WHO के अनुसार, शराब और तंबाकू का सेवन रक्तचाप बढ़ाता है, इसलिए इन्हें सीमित या छोड़ना चाहिए।

तनाव और नींद का ध्यान: CDC (सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन) बताता है कि पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन (जैसे ध्यान, संगीत, शांत गतिविधियां) से रक्तचाप नियंत्रित रहता है।

रोकथाम की तुलना

उपायप्रभाव / लाभ
DASH आहारसिस्टोलिक BP में 6–14 mmHg तक कमी
नियमित व्यायाममध्यम व्यायाम से उच्च रक्तचाप की शुरुआत में रोक
वजन घटानाहर किलो वजन घटने पर 1 mmHg BP में कमी
नमक कम करनाWHO सुझाव: <5g नमक/दिन

डॉक्टर से कब मिलें?

यदि नियमित जीवनशैली सुधार के बावजूद रक्तचाप 140/90 mmHg या उससे ऊपर बना रहे, तो डॉक्टर से मिलना जरूरी है। भारत में ICMR (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) के “स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट वर्कफ्लो” के अनुसार, 140/90 mmHg या उससे अधिक दो अलग-अलग क्लिनिक विजिट पर मापने पर उच्च रक्तचाप की पुष्टि होती है। इसके बाद डॉक्टर दवाइयां और जीवनशैली दोनों पर काम करते हैं।

उच्च रक्तचाप के अन्य कारक

उच्च रक्तचाप के लिए आनुवंशिक कारक (Genetic Factors) भी जिम्मेदार हो सकते हैं। यदि परिवार में किसी को उच्च रक्तचाप है, तो इसकी संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा, उम्र बढ़ने के साथ धमनियों का लचीलापन कम होता है, जिससे रक्तचाप बढ़ सकता है।

आपके लिए सुझाव

मध्यम आयु में उच्च रक्तचाप से बचने का सबसे असरदार तरीका है, समय पर जांच, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण, नमक कम करना, शराब और तंबाकू से बचना और तनाव व नींद का ध्यान रखना। 35 वर्ष की उम्र से ही ब्लड प्रेशर की जांच शुरू करें और यदि कोई समस्या हो तो डॉक्टर से मिलकर सही मार्गदर्शन लें।

(मेडिकल डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।)