
सांकेतिक इमेजः एआई
काम और परिवार के बीच संतुलन बनाना कामकाजी माताओं के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। सही रणनीतियों और समझदारी के साथ यह संभव है कि आप अपने बच्चे को सुरक्षित, प्यार भरा और विकासशील माहौल दे सकें, साथ ही अपने करियर को भी आगे बढ़ा सकें।
एक अध्ययन में पाया गया कि कामकाजी माताओं में गैर‑कामकाजी माताओं की तुलना में दोगुना तनाव होता है। इस तनाव का असर माता और बच्चे के स्वास्थ्य संबंध और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसके अलावा, समय की कमी, घरेलू जिम्मेदारियां और आर्थिक दबाव भी देखभाल की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।
हैदराबाद के स्लम इलाकों में किए गए एक अध्ययन से पता चला कि पति का सहयोग, परिवार का बजट में शामिल होना और मीडिया से जानकारी मिलना बच्चों को बेहतर मानसिक और शारीरिक देखभाल देने में मदद करता है। वहीं, हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्र में एक अध्ययन में पाया गया कि माताएं दिन में लगभग ढाई-तीन घंटे बच्चों की देखभाल में बिताती हैं, लेकिन जैसे‑जैसे बच्चे बड़े होते हैं, यह समय घटता जाता है।
एक बाल मनोवैज्ञानिक ने सुझाव दिया है कि भावनात्मक सुरक्षा घंटों में नहीं; छोटे, लगातार और जानबूझकर किए गए पलों में बनती है। जैसे कि सुबह एक साथ नाश्ता करना, काम पर जाने से पहले गले लगाना या रात को सोने से पहले कहानी सुनाना, ये छोटे‑छोटे काम बच्चे को यह महसूस कराने में मदद करते हैं कि वह सुरक्षित और महत्वपूर्ण है।
भारत में ICDS (एकीकृत बाल विकास सेवा) जैसी योजनाएं बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य जांच और प्रारंभिक शिक्षा जैसी सुविधाएं देती हैं। दिल्ली के एक अध्ययन में पाया गया कि ICDS का उपयोग 54% माताओं ने किया, जबकि राजीव गांधी राष्ट्रीय क्रेच योजना (RGNCS) का उपयोग केवल 18.6% माताओं ने किया। यह दिखाता है कि सरकारी सेवाओं की पहुंच और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
कुछ निजी संस्थाएं और एनजीओ मोबाइल क्रेच जैसी सुविधाएं भी प्रदान करते हैं। उदाहरण के लिए, बेंगलुरु स्थित एक एनजीओ ने विभिन्न इलाकों में मोबाइल क्रेच चलाए हैं, जो कामकाजी माताओं के लिए सुविधाजनक विकल्प हो सकते हैं। इससे महिलाओं को जरूरी जानकारी मिलती है।
एक अध्ययन में लखनऊ और कानपुर की 35 कामकाजी माताओं से बातचीत की गई। इसमें समय की कमी, मातृत्व‑दोष‑भावना, भावनात्मक संघर्ष और करियर में समझौते जैसे मुद्दे सामने आए, लेकिन माताओं ने परिवार के सहयोग, समय प्रबंधन और कार्यस्थल की लचीलापन जैसी रणनीतियां अपनाकर संतुलन बनाए रखा।
कामकाजी माताओं के लिए यह समझना जरूरी है कि आप अकेली नहीं हैं। छोटे‑छोटे भावनात्मक जुड़ाव, परिवार का सहयोग, सरकारी और निजी संसाधनों का उपयोग, और मानसिक लचीलापन मिलकर एक स्थिर और प्यार भरा वातावरण बना सकते हैं।
Updated on:
31 Aug 2026 06:33 pm
Published on:
31 Aug 2026 06:33 pm
