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कम लागत में अच्छी कमाई का मौका, जानें धनिया की खेती का पूरा गणित

क्या आपने कभी सोचा है कि एक छोटे से खेत से आप अच्छी कमाई कर सकते हैं। धनिया की खेती से आपके लिए एक शानदार आर्थिक अवसर साबित हो सकती है, आइए जानते हैं कैसे।
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भारत

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Adarsh Thakur

Aug 24, 2026

Coriander Farming

धनिया खेती के फायदे। (फोटोः एआई)

हरियाली से भरी धनिया की फसल ने कई किसानों की किस्मत बदल दी है। कम समय में तैयार होने वाली यह फसल, कम लागत और तेज रिटर्न के कारण विशेष रूप से युवा और सीमित संसाधनों वाले किसानों के लिए आकर्षक विकल्प बन गई है। आइए इस फसल के बारे में विस्तार से जानते हैं।

धनिया की खेती क्यों लाभदायक है

धनिया एक तेजी से तैयार होने वाली फसल है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, यह 45–60 दिनों में तैयार हो जाती है और एक मांडा (छोटा खेत) में ₹2000 की लागत से ₹15,000 तक की कमाई संभव है। इसी तरह, मध्य प्रदेश की एक युवा किसान शिवानी पवार ने मात्र ₹16,000 के निवेश से एक महीने में 50 हजार का मुनाफा कमाया। यह दिखाता है कि कम निवेश में तेज रिटर्न और मजबूत मंडी मांग के कारण धनिया एक आकर्षक विकल्प बनता है।

उन्नत तकनीक से बढ़े लाभ

ICAR-एनआरसीएसएस, अजमेर द्वारा विकसित शेड नेट टनल तकनीक ने ऑफ-सीजन हरी धनिया की पैदावार और मुनाफा दोनों बढ़ाए हैं। 90% ग्रीन शेड नेट में 2015 में 167.2 किलोग्राम प्रति 100 वर्ग मीटर उपज और ₹9,693 का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ; 2016 में भी यह तकनीक लाभकारी रही।

गुजरात के फ्रंटलाइन डेमोंस्ट्रेशन (FLD) में उन्नत पैकेज अपनाने से प्रति हेक्टेयर औसत सकल रिटर्न ₹1,02,606 और पारंपरिक तरीकों में यह ₹89,939 था। यह बताता है कि उन्नत बीज, सूक्ष्म पोषक तत्व, जैव-कीटनाशक और बेहतर प्रबंधन से लाभ में वृद्धि होती है।

महिलाओं और छोटे किसानों के लिए अवसर


कर्नाटक में महिलाओं द्वारा संचालित छोटे किसानों की प्रणालियों में धनिया (Arka Isha किस्म) की खेती ने ₹32,000 की लागत पर ₹80,000 की सकल आमदनी दी। यह दर्शाता है कि सही तकनीकी समर्थन और प्रशिक्षण से छोटे स्तर पर भी आर्थिक रूप से मजबूत मॉडल बन सकता है।

उपज और लागत का विवरण

राजस्थान में वैज्ञानिक विधि से सिंचित धनिया फसल से बीज की उपज 15–20 क्विंटल और पत्तियों की उपज 100–120 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक हो सकती है; असिंचित फसल में बीज की उपज 7–9 क्विंटल होती है। यह दिखाता है कि सिंचाई और वैज्ञानिक विधि अपनाने से उपज में बड़ा अंतर आता है।

धनिया की खेती से जुड़ी चुनौतियां

धनिया पर एफिड (aphid) कीट का हमला उपज को लगभग 50% तक घटा सकता है, विशेषकर दिसंबर से मार्च के बीच। इसलिए कीट प्रबंधन और समय पर निगरानी आवश्यक है।
इसके अलावा, मंडी भाव तेजी से बदलते हैं। ऐसे में किसान ताजा भाव जानने के लिए नजदीकी मंडी या eNAM पोर्टल पर नजर रखें।

लागत बनाम मुनाफा

घटकविवरण
लागत₹500 से शुरू, एक मांडा या छोटा खेत
समय45–60 दिन में फसल तैयार
संभावित रिटर्न₹25,000 (मांडा) से ₹1 लाख से अधिक (छोटा खेत)
उन्नत तकनीक लाभB:C अनुपात 2.5–3.2 तक (लाभ लागत अनुपात
जोखिमकीट, मंडी भाव, सिंचाई की कमी

किसानों के लिए सुझाव

  • सबसे पहले, छोटे स्तर से शुरुआत करें, एक मांडा या छोटा खेत।
  • उन्नत बीज, जैव-इनपुट, सूक्ष्म पोषक तत्व और तकनीकी सलाह के लिए नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र या KVK से संपर्क करें।
  • शेड नेट टनल जैसी तकनीक अपनाकर ऑफ-सीजन उत्पादन पर विचार करें।
  • कीट प्रबंधन और सिंचाई पर विशेष ध्यान दें।
  • मंडी भाव के लिए eNAM या स्थानीय मंडी पर नियमित नजर रखें।