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नाश्ते में कर रहे हैं ये 4 गलतियां तो पूरे दिन रह सकती है थकान, ऐसे बनाएं एनर्जी वाला ब्रेकफास्ट

सुबह का नाश्ता दिनभर की ऊर्जा और एकाग्रता के लिए महत्वपूर्ण होता है। नाश्ता छोड़ना, केवल चाय या कॉफी पर निर्भर रहना, बहुत ज्यादा मीठी चीजें खाना और प्रोटीन व फाइबर की कमी जैसी आदतें कुछ लोगों में जल्दी भूख और ऊर्जा में गिरावट का कारण बन सकती हैं।
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Adarsh Thakur

Sep 17, 2026

Breakfast Mistakes

नाश्ते से जुड़ी सावधानियां।(सांकेतिक इमेजः ChatGPT)

सुबह का नाश्ता दिन की शुरुआत का जरूरी भोजन है, लेकिन सिर्फ नाश्ता कर लेना ही पर्याप्त नहीं है। उसमें क्या और कितना खाया जा रहा है, इसका असर भूख, एकाग्रता और ऊर्जा के स्तर पर पड़ सकता है। बहुत ज्यादा मीठा या केवल कार्बोहाइड्रेट वाला नाश्ता कुछ लोगों में जल्दी भूख और ऊर्जा में गिरावट का कारण बन सकता है। वहीं प्रोटीन, फाइबर और पर्याप्त तरल पदार्थ वाला संतुलित नाश्ता लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकता है।

1. नाश्ता छोड़ देना

सुबह समय कम होने की वजह से कई लोग नाश्ता छोड़कर सीधे चाय या कॉफी पी लेते हैं। लंबे समय तक कुछ न खाने से कुछ लोगों को कमजोरी, ध्यान लगाने में परेशानी और बाद में ज्यादा भूख लग सकती है। हालांकि हर व्यक्ति के लिए नाश्ते का समय और जरूरत अलग हो सकती है। अगर सुबह तुरंत भूख नहीं लगती तो थोड़ी देर बाद संतुलित भोजन किया जा सकता है।

नाश्ते में सिर्फ चाय या कॉफी पर निर्भर रहना भी सही विकल्प नहीं है। कैफीन थोड़ी देर के लिए सतर्कता बढ़ा सकता है, लेकिन इससे शरीर को प्रोटीन, फाइबर और अन्य जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलते।

2. सिर्फ मीठी या मैदे वाली चीजें खाना

ब्रेड, मीठे कॉर्नफ्लेक्स, बिस्किट, पेस्ट्री या मीठे पेय जल्दी तैयार हो जाते हैं, लेकिन इनमें प्रोटीन और फाइबर कम हो सकता है। ऐसे भोजन से कुछ लोगों को जल्दी भूख लग सकती है और ऊर्जा में उतार चढ़ाव महसूस हो सकता है।

इसकी जगह साबुत अनाज, ओट्स, फल और प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। ओट्स जैसे साबुत अनाज फाइबर का अच्छा स्रोत हैं और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकते हैं।

3. नाश्ते में प्रोटीन और फाइबर की कमी

अगर नाश्ता केवल पोहा, ब्रेड, पराठा या मीठे सीरियल तक सीमित है और उसमें प्रोटीन व फाइबर की मात्रा कम है तो पेट जल्दी खाली महसूस हो सकता है। प्रोटीन पाचन की गति को धीमा करने और तृप्ति बनाए रखने में मदद करता है, जबकि फाइबर पाचन स्वास्थ्य और लंबे समय तक पेट भरा रखने में महत्वपूर्ण है।

नाश्ते में दही, अंडा, पनीर, दूध, दाल, अंकुरित अनाज या बिना नमक वाले मेवे जैसे विकल्प शामिल किए जा सकते हैं। इसके साथ फल या साबुत अनाज लेने से भोजन ज्यादा संतुलित बन सकता है।

4. सुबह पानी कम पीना

रातभर सोने के बाद शरीर को तरल पदार्थ की जरूरत होती है। पर्याप्त पानी नहीं पीने पर कुछ लोगों को थकान और ध्यान लगाने में परेशानी महसूस हो सकती है। इसलिए सुबह उठने के बाद पानी पीना और पूरे दिन पर्याप्त तरल लेते रहना जरूरी है।

सिर्फ कॉफी या चाय को पानी का विकल्प नहीं मानना चाहिए। खासकर गर्म मौसम या शारीरिक गतिविधि के दौरान शरीर को ज्यादा तरल की जरूरत हो सकती है।

कैसा होना चाहिए सुबह का नाश्ता?

एक संतुलित नाश्ते में प्रोटीन, फाइबर और पौष्टिक कार्बोहाइड्रेट का संयोजन (कॉम्बिनेशन) रखा जा सकता है। उदाहरण के लिए सब्जियों वाला पोहा और दही, मूंग दाल चीला और दही, साबुत अनाज की रोटी या ओट्स के साथ दूध और फल अच्छे विकल्प हो सकते हैं।

जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति को एक ही तरह का नाश्ता करना चाहिए। उम्र, शारीरिक गतिविधि, स्वास्थ्य और भोजन की पसंद के अनुसार मात्रा और विकल्प बदल सकते हैं।

अगर पर्याप्त नींद और संतुलित भोजन के बावजूद लंबे समय तक अत्यधिक थकान बनी रहती है तो इसे केवल नाश्ते की गलती मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार रहने वाली थकान के पीछे नींद की समस्या, तनाव, पोषण की कमी या कोई स्वास्थ्य समस्या भी हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।