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क्या तनाव आपकी नींद छीन रहा है? बेहतर स्लीप के लिए अपनाएं ये तरीके

क्या आप जानते हैं कि आपकी नींद और तनाव एक दूसरे से इस कदर जुड़े हैं कि एक का असर दूसरे पर पड़ता है? चलिए, इस चक्र को तोड़ने के आसान तरीके जानते हैं।
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भारत

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Adarsh Thakur

Aug 31, 2026

Sleep Problems

बेहतर नींद के लिए टिप्स। (फोटोः एआई)

तनाव और नींद का आपसी संबंध गहरा और जटिल है। तनाव नींद को बिगाड़ता है और खराब नींद तनाव को बढ़ा देती है। आइए इस चक्र को समझते हैं और जानते हैं कि इसे कैसे तोड़ा जाए।

तनाव नींद को कैसे प्रभावित करता है

तनाव शरीर में “लड़ो या भागो” की प्रतिक्रिया (fight-or-flight) को सक्रिय करता है, जिससे कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे तनाव हार्मोन बढ़ जाते हैं। इससे नींद आने में देरी होती है और नींद की गुणवत्ता घट जाती है।

मायो क्लिनिक के अनुसार, लगातार तनाव सिरदर्द, नींद में खलल और हृदय संबंधी समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। एक हालिया अध्ययन में पाया गया कि जब किसी व्यक्ति की नींद सामान्य से बेहतर होती है, तो अगले दिन तनाव कम महसूस होता है। वहीं जो लोग अधिक तनाव महसूस करते हैं, उनकी नींद की शुरुआत में देरी और नींद की गुणवत्ता खराब होती है।

नींद की कमी तनाव को कैसे बढ़ाती है

नींद की कमी से सकारात्मक भावनाएं कम होती हैं, सोचने-समझने की क्षमता घटती है और गलतियां बढ़ जाती हैं, जिससे तनाव और बढ़ जाता है। सीडीसी (सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन) के अनुसार, जो वयस्क प्रतिदिन सात घंटे से कम सोते हैं, उनमें हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है। इस प्रकार तनाव और नींद की कमी एक चक्र बनाकर एक-दूसरे को बढ़ावा देते हैं।

युवा और छात्र वर्ग पर प्रभाव

भारत में मेडिकल छात्रों पर हुए एक अध्ययन में पाया गया कि 55.5% छात्रों को मध्यम स्तर का तनाव था और 18.9% को गंभीर अनिद्रा (Insomnia) थी। मुख्य कारण थे, शैक्षणिक दबाव (56.8%) और परीक्षा तनाव (61.3%)।
यह दिखाता है कि युवा वर्ग में तनाव और नींद संबंधी समस्याएं कितनी आम हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

तनाव और नींद के बीच वैज्ञानिक संकेत

Sleep Medicine (जुलाई 2026) में प्रकाशित एक लेख में बताया गया कि तनाव नींद के ईईजी (इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राम यानी मस्तिष्क तरंगें) को बदल देता है, जिससे नींद की संरचना बिगड़ती है और यह मानसिक रोगों का शुरुआती संकेत हो सकता है।
यह संकेत देता है कि तनाव केवल नींद को प्रभावित नहीं करता, यह मस्तिष्क की नींद से जुड़ी कार्यप्रणाली को भी प्रभावित कर सकता है।

बेहतर नींद और तनाव प्रबंधन के उपाय

  • रोज एक ही समय पर सोना और उठना।
  • सोने से पहले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग सीमित करना।
  • सोने का कमरा शांत, अंधेरा और आरामदायक तापमान वाला रखना।
  • सोने से पहले भारी भोजन, कैफीन और शराब से बचना।
  • नियमित व्यायाम करना।
  • परिवार और दोस्तों से जुड़ाव बनाए रखना।
  • संतुलित आहार लेना और पर्याप्त पानी पीना।

अमेरिकी राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (NIH) और एनसीसीआईएच के अनुसार, माइंडफुलनेस मेडिटेशन (ध्यान) तनाव और नींद दोनों में सुधार कर सकता है। 2019 के एक समीक्षा अध्ययन में पाया गया कि ध्यान नींद की गुणवत्ता में काफी सुधार लाता है।

बार-बार नींद खुलने पर क्या करें?

यदि आप रात में बार-बार जागते हैं या नींद में खलल महसूस करते हैं, तो यह तनाव का संकेत हो सकता है। ऐसे में:

  • सोने से पहले गहरी सांस लें या हल्का ध्यान करें।
  • यदि नींद नहीं आ रही हो, तो बिस्तर से उठकर कुछ हल्का पढ़ें और फिर वापस सोने जाएं।
  • नींद के लिए ईयरप्लग्स या स्लीप मास्क का उपयोग करें, विशेषकर यदि आसपास शोर हो।

नियमित दिनचर्या और तनाव-नियंत्रण

दिनचर्या में सुधार करना, खाने, काम, आराम और नींद का समय तय रखना तनाव को कम करता है और नींद को बेहतर बनाता है।
तनाव को कम करने के लिए ध्यान, योग या हल्की शारीरिक गतिविधियां जैसे चलना या स्ट्रेचिंग मददगार होती हैं।

कब डॉक्टर से संपर्क करें

यदि तनाव या नींद की समस्या दो सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहती है, जैसे नींद न आना, बार-बार जागना, दिन में अत्यधिक थकान, तो डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना आवश्यक है।

तनाव और नींद का संबंध एक चक्र की तरह है, जहां तनाव नींद को बिगाड़ता है और खराब नींद तनाव को बढ़ाती है। सही दिनचर्या को अपनाकर इस चक्र को तोड़ा जा सकता है। नियमित दिनचर्या, अच्छी नींद की आदतें, ध्यान और व्यायाम से आप इस चक्र को कमजोर कर सकते हैं। यदि समस्या बनी रहे, तो विशेषज्ञ की मदद लेना सबसे समझदारी भरा कदम है।

(डिस्क्लेमरः यह लेख किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। यदि आप तनाव या नींद से जुड़ी गंभीर समस्या महसूस करते हैं, तो योग्य डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें।)