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नींद की गुणवत्ता सुधारने के अनोखे तरीके: योग निद्रा से लेकर मंत्र थेरेपी तक… जानिए क्या है कारगर

क्या आप सोचते हैं कि सिर्फ सोने की लंबाई ही आपकी नींद की गुणवत्ता तय करती है? फिर एक बार फिर से सोचिए! जानिए कुछ अनोखे और प्रभावी तरीके, जो आपकी नींद को न केवल गहरा, बल्कि सुपरचार्ज भी कर सकते हैं!
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भारत

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Ravi Gupta

Aug 21, 2026

tips for good sleep

प्रतीकात्मक तस्वीर | ChatGPT

नींद की गुणवत्ता केवल इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आप कितनी देर सोते हैं - यह इस पर भी निर्भर करती है कि आपकी नींद कितनी गहरी, शांत और नियमित है। यदि आप बार-बार जागते हैं, नींद में खलल आता है या सुबह थकान महसूस करते हैं, तो संभव है कि आपकी नींद की परिभाषा ही पुरानी हो गई हो। आइए, कुछ नए और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तरीकों पर नजर डालते हैं, जो आपकी नींद को बेहतर बना सकते हैं - वह भी बिना जटिल या महंगे उपायों के।

योग निद्रा: गहरी नींद का सरल उपाय

एक उल्लेखनीय अध्ययन में, जो 2012–16 के बीच हुआ, 41 क्रॉनिक अनिद्रा (chronic insomnia) से पीड़ित मरीजों को दो समूहों में बांटा गया - एक को पारंपरिक कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT-I) दी गई और दूसरे को योग निद्रा सिखाई गई। परिणामों में योग निद्रा समूह में नींद की गुणवत्ता, जागने का समय, गहरी नींद (N3) और जागने के बाद की अवधि में सुधार देखा गया। साथ ही, सैलिवरी कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) में भी महत्वपूर्ण कमी आई (p=0.041)। यह दर्शाता है कि योग निद्रा, विशेषकर नियमित अभ्यास के साथ, नींद की गुणवत्ता सुधारने में प्रभावी हो सकती है।

मंत्र थेरेपी: नींद में गहराई

भारतीय संदर्भ में एक अध्ययन में, हरे कृष्ण मंत्र आधारित संज्ञानात्मक थेरेपी (HMBCT) को पारंपरिक CBT के साथ जोड़ा गया। छह सप्ताह तक चले इस अध्ययन में, HMBCT समूह में Epworth Sleepiness Scale (ESS) में 61% और Insomnia Severity Index (ISI) में 80% तक कमी देखी गई। यह सुझाव देता है कि मंत्र और ध्यान का संयोजन नींद की गंभीरता और दिन के समय की नींद में सुधार ला सकता है।

नींद के लिए ताजगी

एक हालिया नेटवर्क मेटा-विश्लेषण में Nature-Based Interventions (जैसे प्राकृतिक ध्वनियां, हरियाली में समय बिताना) को नींद सुधारने में प्रभावी पाया गया। ये तरीके पारंपरिक देखभाल से बेहतर परिणाम देते हैं और स्केलेबल, गैर-फार्माकोलॉजिकल विकल्प हैं। अर्थात, यदि आप सोने से पहले कुछ समय प्रकृति के संपर्क में रहें - जैसे बगीचे में बैठना या पत्तों की आवाज सुनना तो नींद की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है।

डिजिटल माइंडफुलनेस: तकनीक से नींद सुधारें

मार्च 2026 में प्रकाशित एक अध्ययन में, 81 स्वस्थ वयस्कों को 10 दिनों के डिजिटल माइंडफुलनेस प्रोग्राम (ŌURA ऐप के माध्यम से) में शामिल किया गया। इसमें माइंडफुलनेस समूह ने नींद की दक्षता (sleep efficiency), कुल नींद, गहरी व हल्की नींद में सुधार दिखाया, जो बेहतर नींद और तनाव प्रबंधन का संकेत है। यह दर्शाता है कि तकनीक का सही उपयोग नींद सुधारने में सहायक हो सकता है, विशेषकर जब आप व्यस्त जीवनशैली जी रहे हों।

ब्रेनवेव एंट्रेनमेंट: मस्तिष्क की लय से नींद

AIIMS भोपाल में 26 मेडिकल छात्रों पर किए गए एक प्रारंभिक (पायलट) अध्ययन में, एक ही डेल्टा वेव ब्रेनवेव एंट्रेनमेंट (BWE) सत्र के तुरंत बाद नींद स्कोर, कुल नींद अवधि, हल्की और गहरी नींद में सुधार तथा रात में जागने की घटनाओं में कमी देखी गई। यह तकनीक ध्वनि के माध्यम से मस्तिष्क की लय को नींद के अनुकूल बनाती है। ध्यान रहे, यह एक छोटा, एकल-सत्र वाला शुरुआती अध्ययन है, इसलिए दीर्घकालिक और बड़े स्तर पर लाभ की पुष्टि के लिए आगे और शोध जरूरी है।

WHO और व्यायाम: नींद के लिए सक्रिय जीवन

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दिशानिर्देशों के अनुसार, वयस्कों को प्रति सप्ताह कम से कम 150–300 मिनट मध्यम तीव्रता वाली एरोबिक गतिविधि करनी चाहिए। यह केवल हृदय और मानसिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि नींद की गुणवत्ता के लिए भी लाभकारी है। अर्थात, नियमित चलना, साइकिल चलाना या हल्का व्यायाम आपकी नींद को बेहतर बना सकता है।

नींद और संज्ञानात्मक स्वास्थ्य: तस्वीर अभी अधूरी है

जुलाई 2026 में WHO ने डिमेंशिया व संज्ञानात्मक गिरावट के जोखिम घटाने पर अपनी अपडेटेड गाइडलाइन का दूसरा संस्करण जारी किया, जिसमें पहली बार नींद को भी एक संभावित कारक के तौर पर शामिल किया गया। हालांकि, WHO ने यह स्पष्ट किया कि नींद (साथ ही HIV, ट्रॉमैटिक ब्रेन इंजरी, दृष्टि दोष और स्ट्रोक जैसे कुछ अन्य नए क्षेत्रों) के लिए फिलहाल कोई ठोस, विशिष्ट सिफारिश देने लायक पर्याप्त वैज्ञानिक सबूत मौजूद नहीं हैं।

यानी WHO ने यह नहीं कहा कि नींद सुधारने से डिमेंशिया का खतरा घटता है बल्कि उसने नींद को एक महत्वपूर्ण, अध्ययन-योग्य क्षेत्र के तौर पर स्वीकार किया है, जहां अभी और मजबूत शोध की जरूरत है, ताकि भविष्य में कोई पक्का निष्कर्ष निकाला जा सके। यह दर्शाता है कि बेहतर नींद का महत्व वैज्ञानिक समुदाय में तेजी से पहचाना जा रहा है, भले ही सीधा कारण-प्रभाव संबंध अभी पूरी तरह साबित न हुआ हो।

नींद सुधारने के अनोखे तरीके

तरीकाक्या हैलाभ
योग निद्रागाइडेड रिलैक्सेशनगहरी नींद, कोर्टिसोल में कमी
HMBCTमंत्र + CBTअनिद्रा से राहत
प्रकृति आधारितप्राकृतिक ध्वनि/हरियालीस्केलेबल, तनाव में कमी
डिजिटल माइंडफुलनेसऐप आधारित ध्याननींद दक्षता में सुधार (10 दिन में)
ब्रेनवेव एंट्रेनमेंटध्वनि से मस्तिष्क लयनींद अवधि में सुधार (प्रारंभिक अध्ययन)
नियमित व्यायामसप्ताह में 150–300 मिनटनींद और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार

जब नींद की परिभाषा पुरानी हो रही हो, तो इन तरीकों में से कोई एक या दो चुनकर शुरुआत करें। उदाहरण के लिए, सप्ताह में तीन बार योग निद्रा करें और साथ में शाम को हल्का व्यायाम भी शामिल करें। यदि तकनीक पसंद है, तो डिजिटल माइंडफुलनेस ऐप आजमाएं। प्रकृति के संपर्क में समय बिताना भी आसान और प्रभावी है।

ध्यान रखें, यदि नींद की समस्या लगातार बनी रहे - जैसे दिन में अत्यधिक नींद आना, बार-बार जागना या लगातार थकावट रहना तो विशेषज्ञ से मिलना आवश्यक है। यह लेख डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। नींद सुधारने के लिए ये तरीके सहायक हो सकते हैं, लेकिन किसी भी नई तकनीक या अभ्यास को शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सुरक्षित है।

नोट:यह लेख अगस्त 2026 तक उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों और WHO की जुलाई 2026 गाइडलाइन पर आधारित है। कुछ अध्ययन छोटे सैंपल आकार या पायलट/प्रारंभिक चरण के हैं, इसलिए इन्हें अंतिम निष्कर्ष के बजाय आशाजनक संकेत के तौर पर देखा जाना चाहिए। साथ ही नींद की समस्या को दूर करने के लिए विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।