18 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बार-बार पेशाब और जलन की समस्या को न करें नजरअंदाज, जानिए UTI के लक्षण और बचाव

बार-बार पेशाब आना और जलन की समस्या को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। इसलिए अगर ऐसे लक्षण दिखें तो सावधान हो जाएं। ये लक्षण किस बीमारी के संकेत हो सकते हैं, आइए जानते हैं।
3 min read
Google source verification

भारत

image

Vinay Shakya

Sep 18, 2026

UTI Symptoms

सांकेतिक इमेज (सोर्स- Gemini)

हमारा शरीर जब किसी परेशानी से गुजरता है तो कई बार पहले ही छोटे-छोटे संकेत देने लगता है। बस जरूरत होती है, उन संकेतों को समझने की। जैसे- अचानक बहुत ज्यादा थकान होना, भूख कम लगना या पेट खराब रहना किसी परेशानी की ओर इशारा करता है। इसी तरह पेशाब करने के तरीके में बदलाव भी शरीर का एक जरूरी संकेत हो सकता है।

UTI का संकेत हो सकते हैं ये लक्षण

अगर कुछ दिनों से पेशाब करते समय जलन हो रही है। बार-बार पेशाब लग रहा है या पेशाब करने के बाद भी ऐसा लग रहा है कि अभी और पेशाब बाकी है, तो इसे सामान्य समझकर टालना ठीक नहीं है। कई बार इसकी वजह कम पानी पीना हो सकती है, लेकिन कुछ मामलों में ये यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी UTI का संकेत भी हो सकता है।

UTI यानी पेशाब की नली और उससे जुड़े अंगों में होने वाला संक्रमण है। जब कुछ बैक्टीरिया पेशाब की नली के रास्ते शरीर के अंदर पहुंच जाते हैं और वहां बढ़ने लगते हैं, तब संक्रमण होता है। यह संक्रमण पेशाब की नली, पेशाब की थैली यानी ब्लैडर या फिर किडनी तक को प्रभावित कर सकता है। आमतौर पर UTI का इलाज आसानी से हो जाता है, लेकिन अगर संक्रमण बढ़ जाए और किडनी तक पहुंच जाए तो परेशानी गंभीर हो सकती है।

पेशाब करते समय जलन UTI का सबसे आम संकेत माना जाता है। इसके साथ बार-बार पेशाब आता है। पेट के निचले हिस्से में दर्द या भारीपन भी महसूस होता है। कुछ लोगों के पेशाब से सामान्य से ज्यादा तेज गंध आने लगती है या पेशाब साफ होने के बजाय धुंधला दिखाई दे सकता है। अगर पेशाब में खून दिखाई दे तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें

अगर पेशाब में जलन या बार-बार पेशाब आने के साथ बुखार, ठंड लगना, कमर या पीठ में दर्द, जी मिचलाना या उल्टी जैसी परेशानी भी हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ऐसे लक्षण इस बात का संकेत हो सकते हैं कि संक्रमण ब्लैडर के साथ-साथ किडनी को भी प्रभावित कर रहा है। किडनी का संक्रमण ज्यादा गंभीर हो सकता है।

महिलाओं में UTI का ज्यादा खतरा

महिलाओं में UTI की समस्या पुरुषों के मुकाबले ज्यादा देखने को मिलती है। इसकी एक बड़ी वजह शरीर की बनावट है। महिलाओं में पेशाब बाहर निकालने वाली नली छोटी होती है। इसलिए बैक्टीरिया के लिए अंदर जाकर ब्लैडर तक पहुंचना आसान हो जाता है। यौन संबंध के बाद भी कुछ महिलाओं में UTI का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा मेनोपॉज के बाद शरीर में होने वाले हार्मोन बदलावों की वजह से भी संक्रमण की संभावना बढ़ सकती है।

डायबिटीज के मरीजों में UTI का खतरा

डायबिटीज वाले लोगों और उन लोगों में भी UTI का खतरा ज्यादा हो सकता है, जिनकी शरीर की बीमारियों से लड़ने की ताकत कमजोर है। इसके अलावा, अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक पेशाब रोकता रहता है या किसी वजह से उसका ब्लैडर पूरी तरह खाली नहीं हो पाता, तो भी बैक्टीरिया के बढ़ने का मौका मिलता है।

UTI से बचाव के लिए दिनभर पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती और बार-बार पेशाब होने से पेशाब की नली से कुछ बैक्टीरिया बाहर निकल सकते हैं। पेशाब आने पर उसे बहुत देर तक रोककर नहीं रखना चाहिए। साफ-सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी है।

UTI से बचाव के तरीके

  • खूब पानी पिएं: दिनभर में पर्याप्त पानी पीने से पेशाब के जरिए बैक्टीरिया बाहर निकल जाते हैं।
  • पेशाब न रोकें: पेशाब लगने पर उसे देर तक रोककर रखने से मूत्राशय में बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं।
  • सफाई का ध्यान रखें: शौच या पेशाब के बाद हमेशा सफाई का ध्यान रखें।
  • कॉटन के कपड़े पहनें: सूती (कॉटन) और ढीले अंडरवियर पहनें, ताकि उस जगह पर नमी न रहे और बैक्टीरिया न पनप सकें।
  • यौन संबंध के समय सावधानी बरतें: यौन संबंध के बाद तुरंत पेशाब करें और साफ-सफाई का ध्यान रखें।
  • सुगंधित उत्पादों से बचें: गुप्तांगों के पास सेंटेड स्प्रे, पाउडर या हार्श केमिकल वाले इंटिमेट वॉश का इस्तेमाल न करें।

(डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी पर आधारित है। स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।)