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ब्यावर दुखांतिका : प्रशासन की उड़ गई नींद – हादसा हुआ तो याद आया अवैध रिफिलिंग अभियान

ब्यावर दुखांतिका ने दिया जिला प्रशासन को सबक-हमेशा की तरह हादसों के बाद चेतने की पुरानी आदत तहत प्रशासन ने फिर जिले में अवैध रिफिलिंग के खिलाफ मुहिम

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Beawar accident gives lessons to the administration

अजमेर. ब्यावर में गैस सिलेंडर में विस्फोट के बाद पेश आए दर्दनाक हादसे के बाद जिला प्रशासन की नींद उड़ गई है। हमेशा की तरह हादसों के बाद चेतने की पुरानी आदत तहत प्रशासन ने फिर जिले में अवैध रिफिलिंग के खिलाफ मुहिम छेड़ेगा। बीते एक साल में न तो जिम्मेदार विभागीय के अधिकारियों ने कभी अवैध रिफिलिंग के खिलाफ कोई कार्रवाई की न घरेलू गैस के दुरुपयोग का कोई मामला बनाया। हालात यह है कि चाय की थड़ी से लेकर होटल, ढाबों तक अवैध रिफिलिंग धड़ल्ले से की जा रही है। अजमेर शहर और ब्यावर ही नहीं जिलेभर में घरेलू गैस सिलेंडर से अवैध रिफिलिंग का गोरखधंधा चल रहा है। जहां कुछ साल पहले तक महज एक साल में दर्जनों केस बनाने व मुकदमे दर्ज करने वाले रसद विभाग के अधिकारी भी कार्रवाई से बच रहे हैं। हालात यह है कि बीते एक साल में कमोबेश एक-दो मामले छोड़कर रसद विभाग ने अवैध रिफिलिंग की कोई कार्रवाई नहीं की।

Beawar accident gives lessons to the administration

अजमेर. ब्यावर में गैस सिलेंडर में विस्फोट के बाद पेश आए दर्दनाक हादसे के बाद जिला प्रशासन की नींद उड़ गई है।

Beawar accident gives lessons to the administration

बीते एक साल में न तो जिम्मेदार विभागीय के अधिकारियों ने कभी अवैध रिफिलिंग के खिलाफ कोई कार्रवाई की न घरेलू गैस के दुरुपयोग का कोई मामला बनाया। हालात यह है कि चाय की थड़ी से लेकर होटल, ढाबों तक अवैध रिफिलिंग धड़ल्ले से की जा रही है।

Beawar accident gives lessons to the administration

हालात यह है कि बीते एक साल में कमोबेश एक-दो मामले छोड़कर रसद विभाग ने अवैध रिफिलिंग की कोई कार्रवाई नहीं की।