
मुस्लिम समुदाय की ओर से शनिवार को मनाया गया ईद-उल-जुहा पर्व परम्परागत तरीके से मनाया गया। मस्जिदों एवं ईदगाह पर सामूहिक नमाज अता कर अमन व खुशहाली की दुआ मांगी। कुर्बानी की रस्म भी अदा की।

शहर में सुबह पाला स्थित जामा मस्जिद से जुलूस निकालाए जो प्रमुख मार्गो से होता हुआ राजतालब स्थित ईदगाह पहुंचा। जुलूस में समुदाय के लोग मजहबी लिबास पहन कर शामिल हुए। युवाओं ने पैगम्बर मुहम्मद की शान में कलमे पढ़े।

यहां शहर काजी की तकरीर हुई। इसमें उन्होंने कहा कि ईद-उल-जुहा का पर्व हमें नेकी की राह पर चलने की सीख देता है।

इस्लाम आपस में भाईचारे से रहने तथा एक दूसरे के सुख-दुख में भागीदारी निभाने का संदेश देता है। सामूहिक नमाज अदा के बाद समुदाय के लोगों ने मुल्क की तरक्की की दुआ की।

लोगों ने एक दूसरे से गले मिल ईद की मुबारकबाद दी। ईद को लेकर घरों में कुर्बानी की रस्म अदा की गई।

यहां सोराब खां के नेतृत्व में ईद की नमाज अदा की। ईदगाह पर पुलिस प्रशासन ने माकूल सुरक्षा प्रबंध किए गए।