
ग्वालियर जब तक शहर में लगा था लॉकडाउन तब तक संख्या तीन या चार प्रति दिन में आ रही थी मरीजों की संख्या लेकिन लॉकडाउन खुलते ही बाजारों में लगी भीड़ को ध्यान रखते हुए मरीजों की बढ़ सकती है संख्या पुलिस ने भी इंटरेस्ट लेना बंद कर दिया है ऐसे हालात देखकर जान पड़ता है अधिकारी सिर्फ कार्यालय में बैठक करते हुए आ रहे हैं नजर बाजारों में लगी भीड़ को नियंत्रण करने की जरा भी नहीं की जा रही है कोशिश आज शाम के वक्त महाराज बाड़े के पास सुभाष मार्केट में लगी लोगों की भीड़ देखकर और दोबारा बाहर फुटपाथ में जमा होकर दुकान लगाकर भीड़ को और बढ़ा रहे हैं इससे जान पड़ता है कि शहर के हालात काबू से बाहर होते आ रहे हैं नजर अधिकारी सिर्फ बैठके लेकर कर रहे हैं खाना पूर्ति

ग्वालियर जब तक शहर में लगा था लॉकडाउन तब तक संख्या तीन या चार प्रति दिन में आ रही थी मरीजों की संख्या लेकिन लॉकडाउन खुलते ही बाजारों में लगी भीड़ को ध्यान रखते हुए मरीजों की बढ़ सकती है संख्या पुलिस ने भी इंटरेस्ट लेना बंद कर दिया है ऐसे हालात देखकर जान पड़ता है अधिकारी सिर्फ कार्यालय में बैठक करते हुए आ रहे हैं नजर बाजारों में लगी भीड़ को नियंत्रण करने की जरा भी नहीं की जा रही है कोशिश आज शाम के वक्त महाराज बाड़े के पास सुभाष मार्केट में लगी लोगों की भीड़ देखकर और दोबारा बाहर फुटपाथ में जमा होकर दुकान लगाकर भीड़ को और बढ़ा रहे हैं इससे जान पड़ता है कि शहर के हालात काबू से बाहर होते आ रहे हैं नजर अधिकारी सिर्फ बैठके लेकर कर रहे हैं खाना पूर्ति

ग्वालियर जब तक शहर में लगा था लॉकडाउन तब तक संख्या तीन या चार प्रति दिन में आ रही थी मरीजों की संख्या लेकिन लॉकडाउन खुलते ही बाजारों में लगी भीड़ को ध्यान रखते हुए मरीजों की बढ़ सकती है संख्या पुलिस ने भी इंटरेस्ट लेना बंद कर दिया है ऐसे हालात देखकर जान पड़ता है अधिकारी सिर्फ कार्यालय में बैठक करते हुए आ रहे हैं नजर बाजारों में लगी भीड़ को नियंत्रण करने की जरा भी नहीं की जा रही है कोशिश आज शाम के वक्त महाराज बाड़े के पास सुभाष मार्केट में लगी लोगों की भीड़ देखकर और दोबारा बाहर फुटपाथ में जमा होकर दुकान लगाकर भीड़ को और बढ़ा रहे हैं इससे जान पड़ता है कि शहर के हालात काबू से बाहर होते आ रहे हैं नजर अधिकारी सिर्फ बैठके लेकर कर रहे हैं खाना पूर्ति

ग्वालियर जब तक शहर में लगा था लॉकडाउन तब तक संख्या तीन या चार प्रति दिन में आ रही थी मरीजों की संख्या लेकिन लॉकडाउन खुलते ही बाजारों में लगी भीड़ को ध्यान रखते हुए मरीजों की बढ़ सकती है संख्या पुलिस ने भी इंटरेस्ट लेना बंद कर दिया है ऐसे हालात देखकर जान पड़ता है अधिकारी सिर्फ कार्यालय में बैठक करते हुए आ रहे हैं नजर बाजारों में लगी भीड़ को नियंत्रण करने की जरा भी नहीं की जा रही है कोशिश आज शाम के वक्त महाराज बाड़े के पास सुभाष मार्केट में लगी लोगों की भीड़ देखकर और दोबारा बाहर फुटपाथ में जमा होकर दुकान लगाकर भीड़ को और बढ़ा रहे हैं इससे जान पड़ता है कि शहर के हालात काबू से बाहर होते आ रहे हैं नजर अधिकारी सिर्फ बैठके लेकर कर रहे हैं खाना पूर्ति