
रेस्क्यू ऑपरेशन की दिलदहलाने वाली तस्वीरें... 2-3 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका में देर रात तक रेस्क्यू चला। इसमें एक युवती समेत दो लोगों की मौत हो गई जबकि 12 घायल हो गए। घायलों में से 4 लोगों की हालत गंभीर है। (फोटो सोर्स : पत्रिका)

घटना की सूचना के बाद पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, महापौर पुष्यमित्र भार्गव के साथ सभी आला अफसर मौके पर पहुंच गए थे। कलेक्टर वर्मा के मुताबिक मकान जी प्लस 2 था। इसमें 13 लोग थे। एसडीआरएफ, नगर निगम व पुलिस की टीम ने रेस्क्यू किया। हादसे में अल्फिया (20) पिता रफीउद्दीन और फहीम की मौत हो गई। अल्फिया को रात करीब डेढ़ बजे जबकि फहीम का शव मंगलवार सुबह करीब 4 बजे निकाला जा सका। सभी घायलों को भी एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। (फोटो सोर्स : पत्रिका)

पड़ोसी इलियास ने बताया कि मकान गिरने पर लोग जमा हुए और पुलिस व नगर निगम को सूचना दी। चार-पांच घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया। बाद में निगम-पुलिस टीम ने मोर्चा संभाला। जेसीबी बुलाकर मलबा हटाना शुरू किया। रात 12 बजे तक दस घायलों को अस्पताल पहुंचा दिया था। रात 12.30 बजे घायल आफरीन (32) को निकालने के लिए उन्हें एनेस्थिसिया देकर एक पैर काटना पड़ा। इसके बाद अस्पताल भेजा।

पड़ोसियों के मुताबिक, मकान तिरछा होकर गिरा। मकान मो. उमर का बताया जा रहा है, जिसमें एक ही खानदान के तीन परिवार रहते हैं। घटना के समय घर में महिला, बच्चे व बुजुर्ग थे। मकान के निचले हिस्से में दो गोदाम हैं, जो रात 8 बजे बंद कर कर्मचारी चले गए थे।

रानीपुरा में मकान ढहने के बाद चले राहत व बचाव कार्य में एक बार फिर लापरवाही सामने आई है। पहले पुलिस व निगम का रिमूवल अमला पहुंचा। मलबे पर कई लोग चढ़ गए थे और इसी दौरान जेसीबी से मलबा हटाया जा रहा था। अंधेरा होने से मलबे के अंदर कुछ हिस्सा नहीं दिख रहा था। ऐसे में जेसीबी चलाने से जनहानि हो सकती थी।