
जोधपुर. हिन्दू सेवा मंडल के बैनर तले अध्यात्म और रोमांच से सराबोर सात दिवसीय आस्था के अनुष्ठान भोगिशैल परिक्रमा की ध्वज यात्रा तय मुहूर्तानुसार घंटाघर स्थित कार्यालय के बाहर से गाजे बाजे के साथ रवाना हुई।

पुरुषोत्तम मास में आस्था का सात दिवसीय अनुष्ठान भोगिशैल परिक्रमा गुरुवार को ध्वज पूजन व शोभायात्रा के साथ शुरू हो गई।

परिक्रमा में शामिल पदयात्री भीषण गर्मी के बावजूद दोपहर से पहले पड़ाव स्थल रातानाडा क्षेत्र में जमा होना शुरू हो गए।

ग्रामीण क्षेत्र से आई अधिकांश महिलाएं हाथ में पानी की बोतलें और सिर पर बैग उठाए हुए पूरी तैयारी के साथ आई थी।

मारवाड़ सहित गोड़वाड के विभिन्न ग्रामीण अंचल से रंग-बिरंगे परिधानों में हरिनाम संकीर्तन करती पहुंची महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता था।

प्रथम पड़ाव स्थल रातानाडा क्षेत्र में सहकारी बाजार, भाटी चौराहा पर लगे विशाल शामियानों में जगह-जगह गूंजते भक्ति गीतों पर झूमते श्रद्धालुओं से माहौल भक्तिमय नजर आया।

पड़ाव स्थल पर लगे पंडाल, चौराहे, फुटपाथ भी श्रद्धालुओं से भरे नजर आए।

परिक्रमा यात्रा समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क भोजन, अल्पहार व छाया के लिए टेन्ट की व्यवस्था की गई।

विनायकिया स्थित बिछडिय़ा गजानंदजी एवं रातानाडा स्थित गणेश मंदिर में अपराह्न बाद श्रद्धालुओं के पहुंचने का शुरू हुआ जो देर शाम तक अनवरत जारी रहा।

विभिन्न पड़ाव स्थलों पर देर रात तक भजनों की सरिता बही और श्रद्धालु इसमें झूम कर नाचे। वहीं श्रद्धालुओं ने भीषण गर्मी में सड़कों पर ही अपनी रात बिताई।