3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मधु कोड़ा मजदूरी करते-करते ऐसे बने झारखंड के मुख्यमंत्री

पिता भी कोयले की खान मंे करते थे मजदूरी।

2 min read
Google source verification
madhu koda

राजनीतिक जीवन की शुरुआत 6 जनवरी 1971 को पश्चिम सिंहभूम के जगन्नाथपुर के पाताहातू में मधु कोड़ा का जन्म हुआ था। मधु कोड़ा ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन से की। इसके बाद वे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से भी जुड़े रहे।

madhu

मजदूर भी रहे मधु कोड़ा ने जीवन के शुरुआती दिनों में मजदूरी भी की। एक खबर के मुताबिक ठेका मजदूरी करने के दौरान वे मजदूर यूनियन के नेता बने। कोड़ा के पिता रसिक एक खान मजदूर थे। वे अपनी एक एकड़ जमीन पर खेती भी करते थे। उनका सपना था कि बेटा पुलिस में भर्ती होकर देश की सेवा करे।

madhu koda

निर्दलीय होते हुए भी बने मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने झारखण्ड के पांचवें मुख्यमंत्री के रूप में 18 सितंबर 2006 को शपथ ली थी। निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में 23 महीने तक मुख्यमंत्री रहने वाले मधु कोड़ा पहले मुख्यमंत्री थे। 2006 में बाबूलाल मरांडी की सरकार अल्पमत में आ गई। तब कांग्रेस की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन और तीन निर्दलीय विधायकों के समर्थन से मधु कोड़ा झारखंड का मुख्यमंत्री बनाया गया।

madhu koda

पहली बार बीजेपी के टिकट पर बने विधायक कोड़ा पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के संपर्क में आने के बाद 2000 में पहली बार भाजपा की टिकट पर विधायक बने। साल 2005 में भाजपा ने टिकट नहीं दिया। तब कोड़ा ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत गए।

koda with wife

पत्नी भी हैं विधायक फिलहाल उनकी पत्नी गीता कोड़ा, मधु कोड़ा की पार्टी जय भारत समता पार्टी की एक मात्र विधायक हैं. गीता कोड़ा जगरनाथपुर सीट से विधायिका है, इसी सीट से मधु कोड़ा भी विधायक हुआ करते थे।


बड़ी खबरें

View All

नई दिल्ली

दिल्ली न्यूज़