
मकर सक्रांति का पर्व बुधवार को आस्था व उल्लास से मनाया गया।

पतंगबाजों का हुजूम छतों पर रहा, तो इठलाती रंग बिरंगी पतंगे दिनभर आसमान छूती रही।

वो काटा, वो मारा के शोर के बीच शाम ढली तो आकाश स्काई लैंटन की झिलमिलाती रोशनी से सराबोर हो गया।

तारों सी चमकती कंदीलों को देखने शहरवासी शीतलहर में भी देर शाम तक छतों पर अटे रहे।

सतरंगी पतंगों के बाद शाम को झिलमिल कंदीलों व आतिशबाजी से रंगीन हुआ आसमान