
सीकर. सरकारी अमले ने सडक़ बनाने के लिए जिन पेड़ों के तने के चारों तरफ डामर का लेप चढ़ा दिया था, वे पेड़ पहले तो सूख गए, अब शुक्रवार को आए अंधड़ में यह बूढे पेड़ जवाब दे गए। पेड़ गिरने से अनेक वाहनों को नुकसान हो गया तो कई जगह राहगीर चोटिल हो गए, इसके बावजूद प्रशासन की आंखें नहीं खुल रही। शुक्रवार दोपहर शहर की प्रमुख सडक़ सिल्वर जुबली रोड पर सूखा पेड़ हवा में गिरकर टूट गया। पेड टूटने से कई राहगीर चोटिल हो गए, जबकि वहां खड़ी एक कार का शीशा टूट गया। इस कारण हजारों रुपए का नुकसान हो गया। इसके अलावा भी शहर में कई जगह सूखे पेड़ गिर गए।

इस कारण कई जगह तो यातायात भी प्रभावित हो गया। लोगों को दूसरों रास्तों से गुजरना पड़ा या इंतजार करना पड़ा। अंधड़ के साथ मिट्टी उड़ रही थी। मिट्टी से बचने के लिए कई व्यक्ति तो इस पेड़ का सहारा लेकर खड़े थे, लेकिन पेड़ गिरने से ठीक पहले वे वहां से रवाना हो गए, वरना किसी की जान भी जा सकती थी। जब तक पेड़ों के चारों तरफ खुली जगह थी वे हरेभरे थे, लेकिन सडक़ बनाते समय डामर को पेड़ के तने तक चढ़ा दिया गया, इस कारण पेड़ सूख गए।

क्या हैं कारण एक्सपर्ट एवं राजकीय विज्ञान महाविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के हैड डॉ एनएल सिंह रणवा के अनुसार पेड़ के चारों तरफ डामर नहीं चढ़ानी चाहिए। उसके चारों तरफ कम से तीन फीट तक खाली जगह छोडऩी चाहिए। खाली जगह नहीं छोडऩे से पेड़ तक हवा व पानी नहीं पहुंच पाते। पानी नहीं पहुंचने के कारण उसकी जड़ें कमजोर हो जाती है। इस कारण पेड़ सूख जाता है। इसके अलावा पानी नहीं पहुंचने के कारण दीमक भी लग जाती है। दीमक भी पेड़ की जड़े चट कर जाती है। पेड़ के चारों तरफ जगह नहीं छोडऩे के कारण पेड़ में कोई बीमारी होने पर उसमें दवा भी नहीं डाल सकते। ऐसे में पेड़ को जिंदा रखने के लिए चारों तरफ कच्ची जगह छोडऩा जरूरी है।

अभी भी खड़े हैं कई सूखे पेड़शहर में एसके कॉलेज के सामने सहित कई जगह अभी भी सूखे पेड़ खड़े हुए हैं। यह पेड़ कभी भी गिर सकते हैं। जहां यह पेड़ खड़े हैं वह शहर के मुख्य मार्ग है, ऐसे में अचानक पेड़ गिरने से यहां भी कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

क्या हो सकता है विकल्पजो पेड़ सूखकर जर्जर हो गए जो कभी भी गिर सकते हैं, उनको नियमों के अनुसार नगर परिषद को गिरा देना चाहिए। ताकि हादसे नहीं हो। जहां पेड़ सूखने के कगार पर हैं, वहां उनको उपचार कर तथा खाद पानी डालकर सूखने से बचाना चाहिए। जहां से पेड़ गिराए जा रहे हैं या स्वयं गिर रहे हैं वहां नए पेड़ लगाए जाने चाहिए।