यहां सूर्यदेव के दर्शन मात्र से ही हर मनोकामनाएं हो जाती है पूरी

सूर्यदेव की उपासना करना से ज्ञान, सुख, स्वास्थ्य, पद, सफलता, प्रसिद्धि की प्राप्ति होती है।

हिंदू धर्म में सूर्यदेव को पंचदेवों में से प्रमुख देवता माना जाता है। रविवार के दिन सूर्यदेव की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन सूर्यदेव की पूजा करना बहुत ही फलदायी होता है। कहा जाता है कि सूर्यदेव की उपासना करना से ज्ञान, सुख, स्वास्थ्य, पद, सफलता, प्रसिद्धि की प्राप्ति होती है।


आज हम राजस्थान झुंझुनू जिले के लोहागर्ल में स्थित सूर्य मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं। यहां के स्थानीय लोगों का मानना है कि जो भी यहां भगवान सूर्य का दर्शन करता है, उनकी हर मनोकामनाएं पूरी हो जाती है और सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।


इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि भगवान विष्णु की तपस्या करने के बाद सूर्यदेव को मिला था। यहां पर सूर्यदेव अपनी पत्नी के साथ विराजमान है। इस स्थान के बारे में मान्यता है कि महाभारत के युद्ध के पश्चात सभी पाण्डव अपने पापों से मुक्ति पाने के लिए यहां आए थे और यहां बने कुंड में स्नान किये थे।


मान्यता है कि इस कुंड में स्नान करने के बाद सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है। इसके अलावा इस कुंड में स्नान करने के बाद त्वाचा से संबंधित रोग भी ठीक हो जाती है। कहा तो ये भी जाता है कि यहां पर स्थित सूर्यदेव के दर्शन करने से भी पापों से मुक्ति मिल जाती है।

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Devendra Kashyap
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