
बरेली। नगर निगम की नई कर निर्धारण सूची ने शहर के व्यापारियों का पारा चढ़ा दिया है। 700 रुपये से सीधे 14,000 रुपये तक दुकान का किराया बढ़ाने के विरोध में बुधवार को सैकड़ों व्यापारी नगर निगम कार्यालय पहुंच गए। पार्षद राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में नारेबाजी, धरना और तीखी बहस का दौर चला।
व्यापारियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी किसी भी व्यावहारिक आधार पर नहीं है। छोटे दुकानदार, जिनका कारोबार पहले ही मंदी और बढ़ती लागत से जूझ रहा है, अब 20 गुना तक बढ़े किराये के बोझ तले दब जाएंगे। उनका आरोप है कि बिना पर्याप्त सुनवाई और सर्वे के मनमाने ढंग से रेट तय कर दिए गए। व्यापारियों ने नगर निगम द्वारा गठित टैक्स कमेटी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कमेटी से कई बार गुहार लगाने के बावजूद कोई राहत नहीं मिली। जब सुनवाई ही नहीं होनी थी तो कमेटी बनाने का क्या मतलब, यह सवाल प्रदर्शन के दौरान गूंजता रहा।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि बढ़ा हुआ किराया वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और व्यापक किया जाएगा। बाजार बंदी, धरना और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ घेराव जैसे कदम उठाने की भी बात कही गई। फिलहाल नगर निगम प्रशासन का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन बढ़ते विरोध के बीच जल्द ही वार्ता की संभावना जताई जा रही है। शहर के प्रमुख बाजारों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज है और व्यापारिक संगठनों की अगली रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हैं।
Updated on:
25 Feb 2026, 1:15 PM IST
Published on:
25 Feb 2026, 1:15 PM IST
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