जिस दिन इस खंभे और पिंड का होगा मिलन, उसी क्षण दुनिया में आएगी प्रलय!

देवभूमि उत्तराखंड में कई मंदिर और गुफा हैं, जो दर्शनीय है।

देवभूमि उत्तराखंड में कई मंदिर और गुफा हैं, जो दर्शनीय है। इसके अलावा इन स्थानों के साथ अध्यात्म और महत्वपूर्ण घटनाओं के अध्याय जुड़े हुए हैं। आज हम आपको एक ऐसे गुफा के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में कहा जाता है कि इसमें प्रलय का रहस्य छिपा हुआ है।

इस गुफा को पाताल भुवनेश्वर के नाम से जाना जाता है। यह गुफा कुमाऊं मंडल के गंगोलीहाट कस्बे में स्थित है। स्कंद पुराण के अनुसार, इसमें भगवान भोलेनाथ निवास करते हैं और उनके दर्शन करने के लिए देवी-देवता यहां आते हैं।

patal_bhuvaneshwar2.jpg

प्रलय का रहस्य

गुफा का सबसे रोचक पहलू संसार में प्रलय की घटना से जुड़ा हुआ है। यहां पर चार खंभे लगे हुए हैं। बताया जाता है कि ये खंभे सतयुग, त्रेता, द्वापर और कलियुग के प्रतीक हैं। प्रथम तीन युगों को दर्शाने वाले खंभों का आकार समान है लेकिन कलियुग का खंभा सबसे लंबा है। इस खंभे के ऊपर एक पिंड भी नीचे लटक रहा है।

बताया जाता है कि यह पिंड प्रत्येक 7 करोड़ वर्ष में एक इंच के बराबर बढ़ता है। यह सिलसिला लगाताक जारी है और जिस दिन कलियुग के खंभे और पिंड का मिलन होगा, उसी क्षण दनिया में प्रलय आ जाएगी।

patal_bhuvaneshwar.jpg

भस्म हुए थे नाग

गुफा में कई प्राचीन आकृतियां बनी हुई है। यहां आने वाले श्रद्धालु इन्हें विभिन्न पौराणिक घटनाओं से जोड़ कर देखते हैं। कहा जाता है कि भगवान ब्रह्मा जी का हंस भी इसी गुफा में निवास करता है। इसके प्रमाण के तौर पर एक हंस की आकृति गुफा में विराजमान है।

इसी प्रकार जनमेजय के प्रसिद्ध नाग यज्ञ का हवन कुंड भी इसके अंदर बताया जाता है। उसमें अनेक सर्प भस्म हो गए थे। कुंड के निकट तक्षक नाग की आकृति बनी हुई है।

patal_bhuvaneshwar1.jpg

चार धाम के दर्शन

यहां आने वाले श्रद्धालु इस गुफा में चार धाम के दर्शन भी कर सकते हैं। यहां इन धामों की आकृतियां बनी हुई है। इन सबके अलावा 33 करोड़ देवी-देवताओं के प्रतीक स्वरूप आकृतियां, शेषनाग का फन और भगवान गणेश का मस्तक भी है। कहा जाता है कि भगवान शिव ने गणेश जी का सिर काटने के बाद, उनका मस्तक यही पर रख दिया था। बताया जाता है कि इस गुफा की खोज आदि शंकराचार्य ने की थी।

Show More
Devendra Kashyap
और पढ़े
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned