
Anand Joshi
गाजियाबाद। गृह मंत्रालय में अंडर सेक्रेटरी आनंद जोशी बुधवार सुबह गाजियाबाद स्थित घर से गायब हो गए। सीबीआई ने मंगलवार को जोशी के घर छापा मारा था और पूछताछ के लिए उन्हें अपने साथ ले गई थी। बुधवार को भी जोशी को पूछताछ के लिए बुलाया था लेकिन जोशी बुधवार सुबह ही घर छोड़कर कहीं चले गए। आनंद ने पत्नी के नाम पत्र छोड़ा है। इसमें जोशी ने लिखा है कि पिछले कुछ महीने से उन्हें मानसिक रूप से प्रताडि़त किया जा रहा है।
परिजनों ने बताया कि जब वे सुबह 7.30 बजे उठे तो जोशी घर से गायब थे। दरवाजा खुला हुआ था। उन्हें एक पत्र मिला। इसमें लिखा था कि मुझे शांति की जरूरत है जो यहां नहीं मिल सकती। मैं घर छोड़कर जा रहा हूं। परिवार का कहना है कि वे जोशी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराएंगे। आनंद जोशी पर सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के एनजीओ सबरंग को गलत तरीके से मिले विदेशी चंदे से जुड़ी दो फाइलें गायब करने का आरोप है। सीबीआई ने सोमवार को जोशी के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया था। केस गृह मंत्रालय के निर्देश पर दर्ज किया गया। मंगलवार को सीबीआई की एक टीम आनंद जोशी के इंदिरापुरम के अभय खंड स्थित मीडिया टाइम्स अपार्टमेंट के फ्लैट पहुंची थी। टीम ने जांच के दौरान फाइलें खंगाली थी।
पत्र में लिखी भावुक बातें
पत्र में जोशी ने पत्नी को भावुकता भरी बातें लिखी है। पत्नी को लिखा,मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं। मैं कुछ महीनों से मानसिक तनाव से गुजर रहा हूं। अब पानी सिर से ऊपर निकल चुका है। मुझे शांति की जरूरत है,जो यहां नहीं मिलेगी। मुझे ढूंढने की कोशिश ना करें। बच्चों का ध्यान रखना। अब तुम्हें मां के साथ पिता का भी प्यार देना होगा। बच्चों को रोने मत देना। मैंने ईमानदारी से देश की सेवा की है। कभी अहसास भी नहीं था कि मेरे साथ ऐसा होगा। मैंने देशभक्ति का कार्य करके शायद अपने कई दुश्मन बना लिए हैं।
परिवार वालों ने लगाए ये आरोप
आनंद की पत्नी मीनाक्षी और बेटे हरि शरणम ने बताया कि उनके पिता पर लगे सभी आरोप निराधार हैं। वह डिप्रेशन के मरीज हैं और उन्हें गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव फंसा रहे हैं। आनंद के पिता अर्जुन लाल जोशी ने कहा कि आनंद के बॉस बीके प्रसाद उनके बेटे को फंसा रहे हैं।
ये हैं आनंद जोशी पर आरोप
जोशी पर कुछ एनजीओ को फायदा पहुंचाने के लिए फाइलों में हेराफेरी करने और पद के दुरूपयोग के आरोप हैं। आरोप है कि आनंद ने तीस्ता सीतलवाड़ के एनजीओ सबरंग को गलत तरीके से मिले विदेशी चंदे से जुड़ी फाइलें चुराई थी। आनंद विदेशी चंदा नियमम कानून यानि एफसीआरए के मामलों से मिली जानकारियों का इस्तेमाल एनजीओ को ब्लैकमेल करने में करता था। जो एनजीओ एफसीआरए की मंजूरी चाहते थे उन्हें फायदा पहुंचाने के लिए फाइलों में हेराफेरी करते थे।
तीस्ता सीतलवाड़ पर है हेराफेरी के आरोप
गुजरात की गुलबर्ग सोसायटी में म्यूजियम बनाने के नाम पर एकत्रित की गई राशि में कथित हेराफेरी मामले में तीस्ता सीतलवाड़ आरोपी हैं। 2015 में सीबीआई की एक याचिका के बाद सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ के एनजीओ सबरंग को नोटिस जारी किया था। सीबीआई का आरोप है कि सबरंग विदेश से मिलने वाले चंदे का गलत इस्तेमाल करता है। तीस्ता सीतलवाड़ ने 2002 के गुजरात दंगों को लेकर नरेन्द्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए थे।
Published on:
11 May 2016 02:00 pm
बड़ी खबरें
View Allराजनीति
ट्रेंडिंग
