
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से रविवार को बगवात करने के बाद अजित पवार एकनाथ शिंदे की सरकार में मंत्री बन चुके है। इसके बाद से ही उनके समर्थकों ने अपने गुट को असली NCP बताना शुरु कर दियाल है। इसके जवाब में शरद पवार के गुट ने अपने गुट को असली पार्टी बताया है। लेकिन अब दोनों की लड़ाई चुनाव आयोग तक पहुंच गई है। अजित के समर्थकों ने आयोग में हलफनामा जमाकर अपने गुट को पार्टी का चुनाव चिन्ह और नाम देने की मांग की है।
चुनाव आयोग में दाखिल किया हलफनामा
अजित पवार के गुट को ही असली NCP बताकर उनके समर्थक विधायक और सांसदों ने चुनाव आयोग में 40 से अधिक हलफनामे दाखिल किए हैं। चाचा भतीजे की इस लड़ाई में अजित पवार ने एनसीपी पर दावा ठोका है। साथ ही, एनसीपी के चुनाव चिह्न की भी मांग कर दी है। चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि शरद पवार खेमे ने आयोग के समक्ष एक याचिका दायर कर अनुरोध किया है कि गुटीय लड़ाई के संबंध में कोई भी निर्देश पारित करने से पहले उनकी बात सुनी जाए।
दोनों पक्षों को जल्द बुला सकता है चुनाव आयोग
दोनों पक्षों के हलफनामे को देखने के बाद चुनाव आयोग जल्द ही दोनों गुटों को बुला सकता है। दोनों पक्षों को आयोग दस्तावेजों का आदान-प्रदान करने के लिए कह सकता है। शरद पवार द्वारा 1999 में स्थापित एनसीपी में रविवार को विभाजन हो गया और अजित पवार 40 से अधिक विधायकों के समर्थन का दावा करते हुए महाराष्ट्र में शिवसेना-भारतीय जनता पार्टी गठबंधन सरकार में शामिल हो गए।
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संख्या के खेल में अजित भारी
वहीं, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार द्वारा बुधवार को मुंबई में बुलाई गई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की बैठक में पार्टी के 53 में से 35 से ज्यादा विधायक पहुंच चुके हैं। वह अपने समर्थक नेताओं से अपने पक्ष में शपथ पत्र भरवा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया और चाचा शरद पवार पर उनकी अनदेखी करने का आरोप लगाया।
Published on:
05 Jul 2023 04:27 pm
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