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ओवैसी का भड़काऊ बयान, हिंदुस्तान का नंबर 1 आतंकी था गोडसे

पुणे में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने ये बयान दिया। उन्होंने आगे कहा कि गोडसे को आतंकी कहने पर पुलिस मुझे नोटिस भेजे।

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Kapil Tiwari

Mar 11, 2018

Asaduddin Owaisi on Modi

Asaduddin Owaisi

पुणे: अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर से जहर उगला है। असदुद्दीन ओवैसी हमेशा अपने भड़काऊ भाषणों के लिए जाने जाते हैं। इसी क्रम में ओवैसी ने एक बार फिर से जनसभा के दौरान भड़काऊ भाषण दिया है। पुणे में एक सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को हिंदुस्तान का नंबर 1 आतंकवादी बताया है।

हमें 70 साल से डराया जा रहा है- ओवैसी
इस जनसभा में असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते-साधते भड़काऊ भाषण देना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में हम मुसलमानों को 70 साल से डराया जा रहा है, लेकिन हम डरने वालों में से नहीं हैं। ओवैसी ने कहा कि इस देश का मुसलमान पाकिस्तान या सीरिया नहीं जाएगा, जो पाकिस्तान जाना चाहते थे, वे पहले ही जा चुके हैं, हमारे पूर्वजों ने ब्रटिश साम्राज्य से लड़ाई की और हिंदुस्तान जिंदाबाद जैसे नारे दिए। हमने कभी इस मुल्क का सौदा नहीं होने दिया और ना ही कभी करेंगे।

'ओवैसी को आतंकी कहने पर पुलिस मुझे दे नोटिस'
ओवैसी ने आगे कहा, “किसने मारा था महात्मा गांधी जी को, इसपर नोटिस देंगे मेरे को आप, मैं पुलिस से पूछना चाह रहा हूं क्या आप मेरे को नोटिस देंगे, मैं गोडसे के खिलाफ बोलूंगा, हिन्दुस्तान का सबसे बड़ा नंबर वन टेरेरिस्ट नाथूराम गोडसे था, तुम नोटिस दोगे मुझे, दो नोटिस मुझे, नाथूराम गोडसे कौन था।” ओवैसी के इस बयान के बाद जनसभा में मौजूद लोग जोर-जोर से नारे लगाने लगे और ओवैसी के इस बयान का समर्थन करने लगे।

पीएम मोदी पर भी जमकर बरसे ओवैसी
ओवैसी ने इस दौरान में पीएम मोदी पर भी निशाना साधा। ओवैसी ने तीन तलाक का मुद्दा उठाते हुए कहा, 'पीएम मोदी आप अपनी आंखें खोलिए और दिमाग से पर्दा हटाइए। आप मुस्लिम महिलाओं के शुभचिंतक नहीं हैं। आप हमारे दुश्मन हैं और हमारी नाइंसाफी का इंतजाम कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'हमारी मां और बहनों ने जुलूस में हिस्सा लेकर जालिम हुकुमत को पैगाम दिया और हम नौजवानों को और बुजुर्गों को पैगाम दिया कि आपको भी खड़ा होना होगा शरियत के लिए।'