
भाजपा के खिलाफ जाएंगे नीतीश कुमार, करेंगे असम नागरिकता विधेयक का विरोध
नई दिल्ली। कर्नाटक चुनाव के बाद भाजपा को एक और बड़ा झटका लगने जा रहा है। एनडीए का पार्ट रहने के बावजूद जदयू भाजपा का विरोध करने वाली है। दरअसल, जदयू असम नागरिकता विधेयक का विरोध करेगी। जानकारी के मुताबिक, इस हफ्ते ही जदूय का विरोध पत्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेज दिया जाएगा। गौरतलब है कि साल 2016 में यह विधेयक संसद में पेश हुआ, जिसे संयुक्त संसदीय कमेटी (जेपीसी) को सौंपा गया। 7 मई से 10 मई के दौरान जेपीसी ने असम और मेघालय का दौरा किया। इसके बाद असम एवं मेघालय में बिल को लेकर आंदोलन तेज हुआ है।
समाजवादी पहचान से समझौता नहीं करेगा जदयू- केसी त्यागी
जदयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने बताया कि पिछले हफ्ते ऑल असम स्टूडेंट यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पटना में मुलाकात की। उनसे इस बिल का विरोध करने का अनुरोध किया था। इसके बाद नीतीश कुमार ने यह फैसाल लेते हुए उन्हें अपनी ओर से आश्वस्त किया। केसी त्यागी ने साफ कहा कि एनडीए में रहने के बावजूद जदयू अपनी अलग समाजवादी पहचान से कोई समझौता नहीं करेगा। पार्टी पहले भी स्पष्ट कर चुकी है कि समान आचार संहिता, राम मंदिर और अनुच्छेद 370 पर कोई समझौता नहीं होगा। पार्टी का अभी भी इन मुद्दों पर वही स्टैंड है जो पहले था।
क्या है बिल में...
आपको बतादें कि यह बिल 25 मार्च, 1971 की कट ऑफ डेट के बाद भी बंगलादेश से आने वाले हिन्दुओं को भारत की नागरिकता प्रदान करने के उद्देश्य से लाया गया। असम एवं मेघालय, दोनों राज्यों में यह लागू होगा। असम में भाजपा की सहयोगी असम गण परिषद के अलावा कांग्रेस और एआइयूडीएफ इसका विरोध कर रही हैं, जबकि मेघालय कैबिनेट ने प्रस्ताव पारित कर अपना विरोध दर्ज कराया है। बहरहाल, आगे जो भी हो लेकिन कर्नाटक चुनाव के बाद भाजपा को एक और बड़ा झटका लगा है, वो भी सहयोगी दल से। अब देखने वाली बात यह है कि भविष्य में इस विरोध का गठबंधन पर भी कोई असर पड़ता है या नहीं?
Published on:
21 May 2018 05:22 pm
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