
सीएम पद पर रहते हुए बीजेपी के खिलाफ नीतीश कुमार ने पहली बार दिया बयान।
नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश में 6 जेडीयू विधायक को बीजेपी द्वारा अपनी पार्टी में शामिल करने के बाद से एनडीए के दोनों प्रमुख सियासी पार्टियों के बीच सियासी तल्खी जारी है। सोमवार को सीएम नीतीश कुमार के एक बयान से दोनों पार्टियों के बीच खाई और ज्यादा गहरी हो गई है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद मेरी मुख्यमंत्री बनने की कोई इच्छा नहीं थी। मैंने कहा था कि जनता ने अपना जनादेश दिया है और किसी को भी मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। भारतीय जनता पार्टी अपना मुख्यमंत्री बना सकती है। ऐसा करने के लिए वो पूरी तरह से स्वतंत्र है।
नफरत न फैलाए बीजेपी
इससे पहले जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कहा था कि लव जिहाद के नाम पर नफरत और विभाजन का माहौल बनाया जा रहा है। संविधान और सीआरपीसी के प्रावधान दो वयस्कों को अपनी पसंद के जीवन साथी चुनने का अधिकार देता है। चाहे वह किसी भी धर्म या जाति के हों।
केसी त्यागी के इस बयान से साफ है कि केंद्र की नीतियों को अभी तक मुखरता से सामने आने से बचने वाली पार्टी जेडीयू अब लव जिहाद, कृषि कानूनों सहित कई मुद्दों पर मोदी सरकार के खिलाफ आने वाले दिनों मोर्चा खोल सकती है।
Updated on:
28 Dec 2020 10:37 am
Published on:
28 Dec 2020 10:18 am
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