
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कोशिश पर विपक्ष की एकता बैठक में कांग्रेस शामिल तो हो गई। अगली बैठक के लिए तारीख और जगह भी तय कर दिया। लेकिन बड़ा सवाल अब भी यही है कि क्या भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए वह क्षेत्रीय पार्टियों के सामने बड़ा दिल दिखाकर अपनी सीटों की कुर्बानी देगी या ये बैठक भी महज औपचारिकता बन कर रह जाएगी। क्योंकि इसके पीछे बड़ा कारण है कि एक तरफ विपक्षी एकता का दावा कर रही पार्टियां एक साथ दिखाई देती हैं तो राज्यों में वे धुर विरोधी बनी हुई हैं। बंगाल में टीएमसी के खिलाफ कांग्रेस और सीपीएम हैं तो वहीं केरल में कांग्रेस और CPM विरोधी है।
मंच पर एक लेकिन राज्यों में सभी अलग
विपक्षी एकता बैठक की तस्वीर जब सामने आई तो देखा गया कि सभी विपक्षी दल बैठक के दौरान एक मंच पर तो साथ दिखे। लेकिन वहीं वह अपने-अपने राज्यों में एक दूसरे के खिलाफ मोर्चाबंदी में जुटे हुए है। अगर हम देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस की बात करे तो वह बिहार में तो कुर्बानी देने के लिए तैयार है। लेकिन जिन राज्यों में उसकी लड़ाई विपक्ष की ही पार्टियों से है, क्या वहां वह बड़ा दिल दिखा पाएगी। अगर हम उदाहरण के तौर पर ही देख ले तो पंजाब में कांग्रेस की लड़ाई आप से, बंगाल में TMC, केरल में CPM, तेलंगाना में BRS से है।
कांग्रेस अभी अपने पत्ते नहीं खोलना चाहती
विपक्षी एकता की बैठक में शामिल होने के बाद भी कांग्रेस अभी अपने पत्ते नहीं खोलना चाहती। सोमवार को राहुल गांधी ने केरल कांग्रेस अध्यक्ष के सुधाकरण और कुछ विधायकों से मिले थे। राहुल गांधी ने ट्विटर पर ग्रुप फोटो पोस्ट किया और कहा, कांग्रेस पार्टी किसी भी राजनीतिक चाल से नहीं डरती है। इसके साथ ही उन्होंने सीपीएम पर उसके नेताओं पर हमला करवाने का आरोप लगाया है।
बंगाल में खुद हिंसा करा रही ममता- सीताराम येचुरी
पटना में हुई विपक्ष की बैठक में देश के लोकतंत्र को बचाने की चर्चा हुई तो इसके बाद सीपीएम चीफ सीताराम येचुरी ने टीएमसी पर ही पश्चिम बंगाल में हिंसा करवाने के आरोप लगाए । उन्होंने कहा कि एक तरफ टीएमसी लोकतंत्र को बचाने के लिए भाजपा को बाहर करने की बात करती है तो दूसरी तरफ अपने ही राज्य में लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा रही है। येचुरी ने कहा कि अगर ममता बनर्जी को लगता है कि उन्हें जनादेश मिल रहा है तो उन्हें डरने की क्या जरूरत है। पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष पंचायत चुनाव होने देना चाहिए।
बंगाल में साथ केरल में अलग
आपको जानकर हैरानी होगी की बंगाल में टीएमसी के खिलाफ कांग्रेस और सीपीएम गठबंधन में हैं। वहीं केरल में दोनों पार्टियां एक दूसरे की विरोधी हैं। अभी ऐसी कोई उम्मीद भी नहीं है कि इन तीन पार्टियों के बीच का गणित ठीक हो सके। मजेदार बात यह है कि बीते सप्ताह पटना में हुई विपक्षी की बैठक में राहुल गांधी, सीताराम येचुरी और ममता बनर्जी तीनों ही शामिल हुए थे। ये तीनों उस प्रेस कॉन्फ्रेंस का भी हिस्सा थे जिसमें विपक्षी एकता का ऐलान किया गया था।
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कांग्रेस दिखाएगी बड़ा दिल
इन सब के बावजूद एक सवाल ये खड़ा होता है कि एतने सारे मतभेद के बावजूद क्या कांग्रेस पार्टी इस विपक्षी एकता में शामिल होने के लिए बड़ा दिल दिखा पाएगी। क्योंकि अगर किसी भी तरह से विपक्षी दल एक साथ आ जाते है तो इसमें कांग्रेस को फायदा कम और नुकसान ज्यादा है। क्योंकि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें है। वहां आम आदमी पार्टी बहुत तेजी से अपना विस्तार करने में लगी है। इसका उदाहरण दिल्ली और पंजाब सबके सामने है। वहीं, भाजपा भी इस मौके को नहीं छोड़ना चाहती और वह लगातार अपने पैतरे बदलते हुए नजर आ रही है।
Published on:
27 Jun 2023 12:34 pm
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