देश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और सांसद डॉ. हर्षवर्धन के सम्मान के साथ खिलवाड़ की घटना सामने आई है। मौका, दिल्ली के नए उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के शपथ ग्रहण समारोह का रहा। आरोप है कि वहां एक अधिकारी ने सीट रिजर्व बताकर उन्हें उठा दिया। दूसरी सीट न मिलने से नाराज होकर डॉ. हर्षवर्धन कार्यक्रम छोड़कर चले गए।
पत्रिका ब्यूरो, नई दिल्ली। राजनिवास में दिल्ली के 22 वें उपराज्यपाल(एलजी) के रूप में विनय कुमार सक्सेना के आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में सीट न मिलने पर पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और लोकसभा सांसद डॉ. हर्षवर्धन नाराज होकर कार्यक्रम से चले गए। उन्होंने समारोह में बदइंतजामी के जिम्मेदार उच्च अधिकारियों की शिकायत उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना से करने की बात कही। दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश उपराज्यपाल ने विनय कुमार सक्सेना को उपराज्यपाल पद की शपथ दिलाई। समारोह में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, दिल्ली कैबिनेट के सदस्य, विधानसभा अध्यक्ष, राजधानी के सभी सांसद और अन्य विशिष्ट जन मौजूद रहे।
अधिकारी ने सीट से उठा दिया
डॉ. हर्षवर्धन ने मनपसंद सीट न मिलने पर कार्यक्रम से चले जाने की बात को खारिज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस सीट पर वो बैठे थे, एक अधिकारी ने रिजर्व बताकर उन्हें उठा दिया और बदले में सीट नहीं दी। डॉ. हर्षवर्धन ने ट्वीट कर कहा, "मीडिया में गलत रिपोर्टिंग की जा रही है कि मनपसंद सीट नहीं मिलने के कारण उपराज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह से चला गया।एक अधिकारी ने मुझे जहां बैठाया वहां बैठ गया, दूसरे अधिकारी ने सीट रिजर्व बता कर उठा दिया तो उठ गया ! 15 मिनट इंतजार किया कि कहीं सीट दी जाएगी।नहीं दी, तो लौट आया !"
डॉ. हर्षवर्धन ने ट्वीट कर कहा, "बहुत अफसोस है कि मैं जिस दिल्ली का सांसद हूं,और जहां सार्वजनिक जीवनभर सक्रिय रहा, वहां के नये उपराज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो सका।" उधर जब कार्यक्रम में नाराज होकर डॉ. हर्षवर्धन जाने लगे तो पत्रकारों के पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत वह उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना से करेंगे।