
शिवसेना की चुनावी गठजोड़ को लेकर जन अधिकार पार्टी से बातचीत जारी है।
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 ( Bihar Assembly Election 2020 ) की तैयारियां की जोर पकड़ने लगी हैं। चुनाव की होड़ में शामिल सियासी दलों द्वारा टिकट देने की प्रक्रिया के साथ नामांकन प्रक्रिया भी जारी है। इस बीच चुनाव आयोग के एक फैसले से शिवसेना ( Shiv Sena ) को बड़ा झटका लगा है। आयोग के फैसले के मुताबिक शिवसेना अपने चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल बिहार चुनाव में नहीं कर पाएगी।
ऐसा इसलिए कि चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव में शिवसेना को उसका चुनाव चिन्ह 'धनुष और तीर' का इस्तेमाल करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। चुनाव आयोग ने अपने फैसले में बताया कि यह जनता दल यूनाइटेड ( JDU ) के चुनाव चिन्ह 'तीर' से मिलता-जुलता है। चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद बिहार चुनाव में पार्टी का चुनाव चिह्न 'तुरहा बजाता व्यक्ति' होगा।
40 से 50 सीटों पर शिवसेना लड़ेगी चुनाव
इस बीच शिवेसना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने एक सवाल के जवाब में कहा कि हम 40-50 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। हमारी बातचीत बिहार के कुछ स्थानीय पार्टियों से गठबंधन को लेकर जारी है। राउत ने कहा कि अब तक किसी के साथ गठजोड़ को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। मैं बहुत जल्द पटना जाऊंगा। पप्पू यादव ( Pappu Yadav ) की जन अधिकार पार्टी सहित अन्य स्थानीय दलों के नेताओं से हमारी बातचीत हुई है।
इससे पहले शिवसेना के राज्यसभा सांसद अनिल देसाई ने कहा था कि हमने उन सीटों पर उम्मीदवार उतारने का फैसला लिया है जहां पर हमारे कार्यकर्ता जनहित के कार्यों को लेकर सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में पार्टी का चुनाव चिह्न 'तुरहा बजाता व्यक्ति' होगा।
उद्धव और आदित्य कर सकते हैं चुनाव प्रचार
बता दें कि शिवसेना ने बिहार चुनाव में प्रचार करने वाले 22 नेताओं की सूची जारी की थी जिसमें उद्धव ठाकरे के अलावा उनके बेटे तथा महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे का नाम भी शामिल था। इसके अलावा स्टार प्रचारकों की सूची में सुभाष देसाई, संजय राउत, अनिल देसाई, विनायक राउत, अरविंद सावंत, प्रियंका चतुर्वेदी, राहुल शेवाले और कृपाल तुमाने का भी नाम शामिल है।
Updated on:
13 Oct 2020 12:59 pm
Published on:
13 Oct 2020 12:55 pm

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