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मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्रर अरूप पटनायक ने राजनीति में रखा कदम, बीजेडी में हुए शामिल

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर अरूप पटनायक ने राजनीति में कदम रखते हुए गुरुवार को नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल (बीजेडी) को ज्वाइन किया है।

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cm naveen patnaik and former mumbai police chief arup patnaik

नई दिल्ली । मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर अरूप पटनायक न्यायिक व्यवस्था में देश की सेवा करने के बाद अब राजनीति से जुड़ गए है। अरूप पटनायक ने राजनीति में कदम रखते हुए गुरुवार को नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल (बीजेडी) को ज्वाइन किया है। बता दें कि अरूप पटनायक 2011 में सिटी पुलिस चीफ रह चुके हैं। बीजेडी प्रमुख और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की उपस्थित में अरूप पटनायक ने पार्टी को ज्वाइन किया। बता दें कि अरूप पटनायक से पहले मुंबई के एक और पुलिस कमिश्नर सत्यापाल सिंह ने 2014 आम चुनाव से पहले भाजपा को ज्वाइन कर लिया था। फिलहाल में मोदी सरकार में केंद्रीय राज्यमंत्री हैं।

एक ईमानदार आदमी के साथ काम करने का अवसर मिला है : अरुप

पार्टी के साथ जुड़ने के बाद मीडिया से बात करते हुए अरूप पटनायक ने कहा कि यदि पार्टी चाहे तो वे चुनाव लड़गें। बता दें कि अरूप पटनायक से मीडिया ने पूछा कि क्या वे राजनीति में कदम रखने के बाद चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी मुझमें कोई काबिलियत देखती है और चुनाव लडने के लिए कहती है तो जरुर ऐसा करुंगा। मीडिया ने उनसे पूछा कि आखिर आपने इतनी जल्दी राजनीति में कदम रखने का फैसला कैसे किया। इस पर जवाब दे देते हुए अरूप पटनायक ने कहा कि एक पुलिस अधिकारी के तौर पर मैं अपने काम से बहुत प्यार करता हूं। मैं अपने यूनिफॉर्म से प्यार करता हूं और मैं अपने निर्धारित कार्यकाल तक देश की सेवा की, मैंने बीच में ही अपनी सेवा नहीं छोड़ी है। मुझे विश्वास था कि मैं रिटायरमेंट के बाद किसी कॉरपोरेट ईकाई के साथ काम नहीं कर सकूंगा। इसलिए जब मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मुझे यह ऑफर दिया तो मैंने यह निश्चिय किया कि राजनीति में कार्य करुं और सबसे महत्वपूर्ण बात कि नवीन पटनायक की साफ छवि और एक ईमानदार आदमी के साथ काम करने का अवसर मिला है।

कौन हैं अरूप पटनायक

आपको बता दें कि अरुप पटनायक 1979 बैच के आईपीएस अधिकारी है। 2015 में रिटायर होने से पहले महाराष्ट्र पुलिस में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। 2015 में वे रिटायर होने से पहले तक महाराष्ट्र राज्य पुलिस आवास और कल्याण निगम के महानिदेशक के तौर पर कार्यरत थे। बतौर मुंबई पुलिस कमिश्नर अरूप पटनायक पर विवादित सहायक पुलिस कमिश्नर बसंत ढोबले को मुंबई पुलिस की सोशल सर्विस शाखा (एसएसबी) के प्रमुख के तौर पर नियुक्त करने का आरोप लगा था। बसंत ढोबले एसएसबी से संबंधित केसों की सीधी सूचना अरुप पटनायक तक पहुंचाते थे।
आपको बता दें कि अरूप पटनायक कोणार्क केंसर फाउंडेशन के ट्रस्टी हैं। मुंबई स्थित यह ट्रस्ट केंसर पीड़ित लोगों को टाटा मेमोरियल होस्पीटल में उपचार के लिए सहायता प्रदान करता है। गौरतलब है कि पिछले महीने कार्यरत एक सीनियर आईपीएस अधिकारी लक्ष्मीनारायण ने सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) का फैसला लिया है। लक्ष्मीनारायण अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के तौर पर कार्यरत हैं।