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गुजरात: हिंसा के बाद अल्‍पेश ठाकोर का बड़ा बयान, हमने कभी हिंसा का समर्थन नहीं किया

डिप्‍टी सीएम सुशील मोदी ने सीएम विजय रुपाणी से फोन पर बात कर क्षत्रिय ठाकोर सेना के संयोजक अल्‍पेश ठाकोर पर गैर गुजरातियों के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।

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Dhirendra Kumar Mishra

Oct 07, 2018

Alpesh Thakor

गुजरात: हिंसा के बाद अल्‍पेश ठाकोर का बड़ा बयान, हमने कभी हिंसा का समर्थन नहीं किया

नई दिल्‍ली। गुजरात के साबरकांठा में 14 माह की बच्ची के साथ कथित बलात्कार के आरोप में बिहार के एक मजदूर की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश के अलग-अलग हिस्‍सों में गैर गुजातियों पर हमले के बाद राजनीति गरम है। खासतौर पर इस हमले में उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले लोगों को निशाना बनाया गया है। बिहार के उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी ने क्षत्रिय ठाकोर सेना के संयोजक अल्‍पेश ठाकोर पर गैर गुजरातियों के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। इसके बाद अल्‍पेश ठाकोर ने बयान जारी कर साफ कर दिया है कि उनका गैर गुजरातियों के साथ हिंसक घटनाओं से कोई रिश्‍ता नहीं है। बता दें कि 14 महीने की मासूम से बलात्कार के खिलाफ गुजरात में कैंडल लाइट मार्च निकाला गया है।

हमारे खिलाफ दुष्‍प्रचार
कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकोर ने बयान जारी कर दावा किया कि उन्होंने कभी भी क्षत्रिय ठाकोर सेना को गैर गुजरातियों पर हमले या हिंसा में शामिल होने के लिए नहीं कहा। उन्होंने ये मांग भी रखी कि 72 घंटों के अंदर उनके समाज के निर्दोष लोगों के खिलाफ दर्ज मामले रद्द किए जाने चाहिए। ठाकोर ने कहा कि जो भी लोग इस हिंसा के पीछे हैं, मैं उनसे शांति की अपील करता हूं। उसमें हमारे समाज और सेना के लोग भी हो सकते हैं। लेकिन हमारी ओर से हमला करने का कोई आदेश नहीं दिया गया है। यह सिर्फ हमें और सेना को बदनाम करने के लिए इस तरह का दुष्‍प्रचार फैलाया जा रहा है। हम केवल राज्य में शांति और रोजगार देने की बात पर जोर देते हैं।

170 गिरफ्तार
पुलिस महानिदेशक शिवानंद झा ने बताया है कि इस तरह के हमले पिछले एक हफ्ते में गांधीनगर, मेहसाना, साबरकांठा, पाटन और अहमदाबाद जिलों में हुए हैं। इन घटनाओं के संबंध में 170 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर गैर गुजरातियों, खासकर बिहार एवं उत्तर प्रदेश के लोगों के खिलाफ नफरत भरे संदेश फैलाए जाने के बाद ये हमले हुए। झा ने संवाददाताओं को बताया कि गैर गुजरातियों पर हमले के बाद से राज्य के विभिन्न जिलों में अब तक 18 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं। हम इस तरह की गतिविधियों की किसी भी कीमत में अनुमति नहीं देंगे। हमने कारखानों और हाउसिंग सोसाइटियों में निगरानी बढ़ा दी है।सोशल मीडिया संदेशों पर भी सख्त नजर रखे जा रहे हैं। स्‍थानीय लोगों ने इस मामले में सरकार से जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग की है।

आरोपी गिरफ्तार
गुजरात पुलिस ने बताया कि 28 सितंबर को साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर कस्बे के पास एक गांव में 14 माह की बच्ची से कथित तौर पर बलात्कार हुआ था। इसका आरोप बिहार के रहने वाले रविंद्र साहू नाम के मजदूर पर था, जिसे घटना वाले दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति ने यह संदेश फैला दिया कि एक फैक्ट्री में बड़ी संख्या में गैर गुजराती लोगों को नौकरी दी गई है। इसके बाद शुक्रवार की सुबह अरवल्ली जिले के काबोला गांव में एक फैक्ट्री के बाहर 200 लोगों की भीड़ इकट्टी हो गई और हिंसा पर उतारू हो गई। जांच में यह पता चला कि भीड़ में क्षत्रिय ठाकोर सेना के लोग भी शामिल थे। ये लोग मांग कर रहे थे कि गुजरात में अन्य राज्यों के प्रवासी कामगारों को नौकरी नहीं दी जानी चाहिए।