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गुरुग्राम लैंड डील: हुड्डा बोले, FIR खट्टर सरकार की राजनीतिक बदले की कार्रवाई

लोकसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने पुराने मामले को उछाला है।

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hudda

गुरुग्राम लैंड डील: हुड्डा बोले, FIR खट्टर सरकार की राजनीतिक बदले की कार्रवाई

नई दिल्‍ली। गुरुग्राम लैंड डील मामले में रॉबर्ट वाड्रा, भूपेंद्र सिंह हुड्डा और डीएलएफ के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद से हरियाणा में सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। इस मामले में वाड्रा और सीएम खट्टर का बयान आने के बाद प्रदेश के पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा ने बड़ा बयान दिया है। उन्‍होंने एफआईआर को राजनीति से प्रेरित कदम करार दिया है। उनका कहना है कि एफआईआर राजनीतिक बदले की भावना से कराया गया है। यह प्रदेश सरकार की विपक्षी पार्टी के खिलाफ बदले की भावना का प्रतीक भी है। उन्‍होंने कहा कि एक निजी शिकायत के जरिए FIR दर्ज करना इस बात को ही दर्शाता है।

हमारे खिलाफ नहीं मिला सबूत
दूसरी तरफ हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुग्राम जमीन मामले में FIR को भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग बताया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग जारी रहेगी और दोषियों को सजा मिलेगी।

इस मुद्दे को जान बूझकर उछाला
आपको बता दें कि गुरुग्राम जमीन घोटाले के मामले में रॉबर्ट वाड्रा और हरियाणा के पूर्व सीएम भूपिंदर हुड्डा पर एफआईआर दर्ज की गई। इस एफआईआर में डीएलएफ कंपनी गुरुग्राम और ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज के नाम भी शामिल है। यह एफआईआर खेड़कीदौला पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाई गई है। इस मुद्दे पर रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि चुनाव आ रहे हैं इसलिए उनके पुराने मामलों को फिर से सामने लाया जा रहा है।

शिकायत पर मामला दर्ज
इससे पहले अपनी शिकायत में सुरेंद्र शर्मा ने बताया है कि 2007 में स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी कंपनी ने शिकोहपुर गांव में ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज के जरिए साढ़े तीन एकड़ जमीन औने-पौने रेट में खरीदी। इस कंपनी के डायरेक्टर रॉबर्ट वाड्रा हैं। आरोप है कि उस दौरान हरियाणा के सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने नियम ताक पर रखते हुए इस जमीन को कर्मशल बना दिया। इसके बाद डीएलएफ ने स्काइलाइट कंपनी को करोड़ों का फायदा पहुंचाते हुए इस जमीन को 58 करोड़ रुपए में खरीद लिया। स्काईलाइट कंपनी ने जब रजिस्ट्री कारवाई, उस समय इस कंपनी की वर्थ एक लाख रुपए थी और इस कंपनी के अकाउंट में पैसे भी नहीं थे। रजिस्ट्री के दौरान जो चेक लगाए गए, वह भी कहीं पर कैश नहीं हुए। हुड्डा पर यह भी आरोप है कि वजीराबाद गांव में 350 एकड़ जमीन डीएलएफ कंपनी को गलत तरीके से अलॉट कर उसे करीब पांच हजार करोड़ का फायदा पहुंचाया।