
ओम प्रकाश चौटाला
चंडीगढ़। हरियाणा की राजनीति में एक बड़ी उठापठक की खबर है। इंडियन नेशनल लोकदल में विभाजन करीब-करीब पक्का हो चुका है। गुरुग्राम में आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में संकेत मिले हैं कि सांसद दुष्यंत चौटाला और उनके भाई दिग्विजय चौटाला को पार्टी से बर्खास्त किया जा सकता है। आखिरी फैसला इनेलो के सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला को लेना है।
चौटाला ने यह मामला अनुशासन समिति को भेज दिया है और इसकी रिपोर्ट 25 अक्टूबर को देने के लिए कहा है। अंतिम फैसला इस रिपोर्ट को मिलने के बाद ही लिया जाएगा। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि 25 अक्टूबर को ही इन दोनों भाइयों को इनेलो से बाहर कर दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को जेल से लौटने से पहले ओमप्रकाश चौटाला ने कार्यकारिणी की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई थी।
इस मीटिंग के दौरान पार्टी के सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने दुष्यंत और दिग्विजय को बर्खास्त करने की अनुमति प्रदेश कार्यकारिणी से ली। अनुशासन समिति 25 अक्टूबर से पहले सभी सबूत जुटाकर इन दोनों के निष्कासन पर मोहर लगाएगी। इसी दिन यानी 25 अक्टूबर को ओम प्रकाश चौटाला मेडिकल चेकअप के लिए तिहाड़ जेल से एक दिन के लिए बाहर आने वाले हैं। गौरतलब है कि दुष्यंत चौटाला हिसार के सांसद हैं।
इस बैठक के दौरान ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि हालात आपके अनुकूल हैं, छोटे-मोटे मतभेद हैं वो खत्म हो जाएंगे। हरियाणा में इनेलो और बसपा सरकार बनाएगी। कुछ शक्तियां संगठन को कमजोर कर रही हैं और यह साजिश के तहत किया जा रहा है। पार्टी में फैलाई जा रही अनुशासनहीनता से हर कार्यकर्ता चिंताग्रस्त है। उन्होंने सभी से पार्टी में फैले मतभेद और मनभेद खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि हमनें अच्छे लोगों को पार्टी में लिया जबकि अनुशासनहीनता करने वालों के खिलाफ खुलकर कार्रवाई की।
उन्होंने आगे कहा, "पार्टी में अनुशासनहीनता रोकने के लिए मैंने सख्त कदम उठा और इनसो व युवा लोकदल को खत्म किया। इनका गठन नए सिरे से किया जाएगा। हालांकि मुझे यह कदम मजबूरी में उठाना पड़ा।"
Published on:
18 Oct 2018 03:57 pm

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