
नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा की 222 सीटों के लिए चुनाव शनिवार को संपन्न हो गए। इसके साथ ही राज्य में पिछले 2 महीने से जारी राजनैतिक गहमा-गहमी का दौर भी खत्म हो गया है। वोटो की गिनती 15 मई को होगी। उसी दिन आज पता चल जाएगा कि विभिन्न पार्टियों द्वारा जीते के किये गए दावे जमीन पर कितने सच साबित होते हैं। फिलहाल कर्नाटक चुनाव में मतदान खत्म होते ही सारी बहस एग्जिट पोल पर केंद्रित हो गई।
त्रिशंकु विधानसभा के आसार
कर्नाटक चुनाव में वोटिंग खत्म होते ही तमाम मीडिया चैनलों और सर्वे एजेंसियों के एक्जिट पोल्स आने लगे। वैसे तो किसी भी एग्जिट पोल या सर्वे में किसी भी पार्टी को बहुमत मिलता नजर नहीं आ रहा है जिससे यह साफ तौर पर कहा जा सके कि किस पार्टी की सरकार बनेगी। अब तक आए सारे एग्जिट पोल कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा की संभावना व्यक्त कर रहे हैं। हालांकि अब तक हुए कई चुनावों में हुए तमाम एग्जिट पोल्स पर नजर डालें तो ओपिनियन पोल्स की तरह यह भी सही साबित नहीं हुए हैं। हाल में ही पंजाब, गुजरात, यूपी और मणिपुर चुनावों में हुए एग्जिट पोल्स गलत भी साबित हुए हैं।
क्या कहते हैं कर्नाटक के एग्जिट पोल
विभिन्न एजेंसियों द्वारा कराये गए एग्जिट पोल्स के मुताबिक कर्नाटक में किसी भी दल को स्पष्ट बहुत मिलने के आसार नहीं है। आजतक एक्सिस के अनुसार कर्नाटक में कांग्रेस को 106 से 118 सीटें मिलने का अनुमान है वहीं भाजपा को 79 से 92 सीटें मिलने के संभावना जताई गई है। जबकि एबीपी सी-वोटर के मुताबिक भाजपा को 107 और कांग्रेस को 85 सीटें मिलने का अनुमान है।वहीं टाइम्स नाउ वीएमआर के अनुसार कांग्रेस 96 और भाजपा 86 सीटों पर सिमट जाएगी। महत्वपूर्ण यह है कि सभी सर्वेक्षणों में जनता दल सेकुलर किंग मेकर की भूमिका में है।
हाल के एग्जिट पोल्स
गुजरात - गुजरात चुनाव में हुए एक्जिट पोल में कुछ सर्वे एजेंसियों ने कांग्रेस की वापसी की संभावना जता दी थी और कुछ ने भाजपा के आराम से सत्ता पर काबिज होने की बात कही थी। विश्वसनीय माने जाने वाले इंडिया टुडे चाणक्य के सर्वे में भाजपा को 130 से अधिक सीटें मिलने का दावा किया गया था। जबकि गुजरात चुनाव में भाजपा को मात्र 99 सीटें ही मिली जो कि 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में उसे मिली सीटों से 16 कम थी।
पंजाब- हाल में हुए पंजाब विधानसभा चुनाव में मना गया था कि अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सरकार बना सकती है। लेकिन कैप्टेन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस ने सभी अनुमानों को धता बताते हुए अपनी सरकार बना ली। सर्वे एजेंसियों का कहना था कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच कांटे की टक्कर होगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
उत्तर प्रदेश- यूपी विधानसभा चुनावों में सभी सर्वेक्षणों में भाजपा के सत्ता में आने की संभावना जताई गई थी लेकिन कोई भी एजेंसी इस बात का अनुमान लगाने में असफल रही कि भेजा को इतना प्रचंड बहुमत मिलेगा।सपा और बसपा को होने वाले इतने बड़े नुकसान की उम्मीद किसी सर्वेक्षण में नहीं लगाया गया था।
Published on:
13 May 2018 09:24 am

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