
चेन्नई। अलागिरी ने कहा कि जिस तरह से पार्टी चलाई जा रही है, वह उससे खुश नहीं थे। यह पूछे जाने पर कि क्या द्रमुक में कोई विभाजन हो सकता है, अलागिरी ने कहा कि पार्टी में विभाजन कैसे हो सकता है, जब वह इसमें हैं ही नहीं। यह पूछे जाने पर कि अगर उन्हें अवसर दिया गया तो क्या वह स्टालिन से बेहतर काम करेंगे, उन्होंने कहा, “निश्चित ही, पार्टी कैडर भी यही चाहते हैं।”