भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने अब अपने नए पद को स्वीकार कर लिया है
चंडीगढ़। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने सिस्टम
से हारने के बाद अब नए पद को स्वीकार कर लिया है। खेमका इस प्रयास में थे कि उन्हें
परिवहन आयुक्त के पद से न बदला जाए, लेकिन मौजूदा सरकार ने भी खेमका को वही रूख
अख्तियार कर लिया है जो प्रदेश में इससे पहले की सरकारें करती आई
हैं।
हरियाणा सरकार ने 1991 बैच के आईएएस अधिकारी अशोक खेमका को बीती एक
अप्रैल को परिवहन आयुक्त के पद से बदलकर फिर से आर्कियोलॉजी और आर्काइव में तैनात
कर दिया है। नवंबर 2014 में खेमका को इसी विभाग से बदलकर परिवहन विभाग का जिम्मा
सौंपा गया था। खेमका के इस तबादले को लेकर मीडिया तथा राजनीति के गलियारों में काफी
बवाल हुआ।
खेमका इस बात के लिए प्रयासरत थे कि उन्हें आर्काइव की बजाए
परिवहन विभाग में ही रखा जाए या फिर किसी अन्य विभाग का जिम्मा सौंप दिया जाए। अशोक
खेमका कथित तौर पर अपने इस विवाद को लेकर हरियाणा के राज्यपाल से भी मिले थे। इसके
बावजूद खेमका के प्रयास सफल नहीं हुए तो गत दिवस उन्होंने नए पद की जिम्मेदारी
संभाल ली। इसका असर आज उनके सोशल मीडिया टवीटर अकांउट पर भी दिखाई दिया।
खेमका ने अब अपने अकांउट से परिवहन आयुक्त पद को हटाकर नया पद लिख दिया है।
इसके बाद खेमका ने एक टवीट करके पूरे घटनाक्रम को एक बार के लिए थाम दिया है। खेमका
ने रविवार सुबह किए गए टवीट में कहा है कि जब एक मां बच्चे को जन्म देती है तो उसे
दर्द से गुजरना पड़ता है। इसी तरह समाज में सामंजस्य बिठाना है तो दिमाग को संघर्ष
के लिए तैयार करना पड़ेगा।
पिछले कई दिनों से चल रहे घटनाक्रम के बाद अशोक
खेमका द्वारा किए गए टवीट से साफ हो गया है कि उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों से
हार मानते हुए हालात के साथ समझौता कर लिया है। साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दे
दिया है कि सिस्टम के खिलाफ उनके द्वारा शुरू किया गया संघर्ष इसी तरह से जारी
रहेगा।