
Jyotiraditya Scindia
ग्वालियर। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का एक फरमान इन दिनों राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बना है। प्रदेश की 24 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर बीते दिनों कमलनाथ ने भोपाल में एक बैठक आयोजित की थी। जिसमें सभी जिले के जिलाध्यक्ष मौजूद थे। इस बैठक में कमलनाथ ने साफ निर्देश दिए कि जिस कार्यकर्ता पर यह शक हो कि वह चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया या भाजपा के साथ जा सकता है, ऐसे कार्यकर्ता से सिंधिया या भाजपा के विरोध में मीडिया में बयान जारी कराओ।
बयान जिलाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी हों। ऐसे में शक के दायरे में आ रहा कार्यकर्ता अगर बयान पर हस्ताक्षर नहीं करे या आनाकानी करे तो उसे तत्काल पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दो। यहां बतां दे कि प्रदेश में ऐसी 22 विधानसभा सीटें है,जहां के विधायकों ने सिंधिया के समर्थन में पद से इस्तीफा दिया है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी और
कमनलाथ को लग रहा है कि इन क्षेत्रों में अब भी कई सिंधिया समर्थक कांग्रेस में ही हैं। कहीं ऐसा न हो कि उपचुनाव के वक्त यह कार्यकर्ता कांग्रेस छोड़कर सिंधिया या भाजपा के साथ चले जाएं। ऐसे में कमलनाथ ने सभी जिले के जिलाध्यक्षों को सजग रहने के निर्देश दिए। साथ ही सख्त कार्रवाई की बात भी कही गई। इतना ही नहीं प्रदेशाध्यक्ष ने सभी जिलाध्यक्षों से यह भी कहा है कि वह सोशल मीडिया पर भी नजर रखें। यदि कोई कार्यकर्ता सिंधिया,भाजपा या उसके प्रत्याशी के समर्थन में या उनकी तारीफ करें अथवा बधाई दे तो उसका स्क्रीनशॉट लेकर ऐसे कार्यकर्ता को भी तत्काल पार्टी से बाहर निकाल दिया जाए।
Published on:
08 Jul 2020 09:25 pm
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