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कन्हैया लिखेंगे किताब, नाम होगा ‘बिहार से तिहाड़ तक’

कन्हैया ने कहा कि उन्होंने किताब के लिए एक प्रकाशक के साथ समझौता किया है, यह किताब हिंदी और अंग्रेजी में होगी

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Jameel Ahmed Khan

Apr 27, 2016

JNU Row: Security for Kanhaiya Kumar after death t

JNU Row: Security for Kanhaiya Kumar after death threats, says government

नई दिल्ली। देशद्रोह के आरोप में 20 दिन जेल में बिताने वाले जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार एक किताब लिखने जा रहे हैं। किताब का नाम होगा-'बिहार से तिहाड़ तक'। कोर्ट से सर्शत जमानत मिलने
के बाद 28 वर्षीय कन्हैया ने जेएनयू के छात्रों को भाषण दिया था जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत करते हुए कन्हैया ने कहा कि उन्होंने किताब के लिए एक प्रकाशक के साथ समझौता किया है। यह किताब हिंदी और अंग्रेजी में होगी। उन्होंने आगे कहा, अगले सेमेस्टर से पहले में यह किताब पूरी कर लूंगा।

बिहार के बेगुसराय जिले के बेतिया गांव में पले-बड़े अफ्रीकन स्टडीज पर पीएचडी कर रहे छात्रसंघ अध्यक्ष ने कहा कि किताब दमनकारी समाज पर लिखी जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि किताब में उनके संघर्ष से जुड़ी बाते होंगी, लेकिन इसमें
समाज से जुड़े तथ्य भी होंगे।

कन्हैया ने कहा कि यह कहानी उसे लड़के की होगी जो शोषण करने वाले समाज से संघर्ष कर जेएनयू पढऩे आता है और किस तरह लोग उसे निशाना बनाते हैं। इस बात को ध्यान में रखकर ही समाज के कुछ तथ्यों को भी किताब में पेश कि

या जाएगा। उल्लेखनीय है कि मीडिया में जेएनयू कैंपस पर कथित तौर पर राष्ट्र विरोधी नारेबाजी के चलते कन्हैया पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया जिसके चलते उन्हें जेल जाना पड़ा।

सशर्त जमानत मिलने के बाद 3 मार्च को जेल से बाहर आने के बाद वह देशभर के विश्वविद्यालयों का दौरा कर रहे हैं जहां वह भाजपा सरका और आरएसएस को अपने भाषणों में अपना निशाना बना रहे हैं। जब कन्हैया से पूछा गया कि क्या वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की नीतियों पर निशाना साधेंगे, तो इसपर उन्होंने कहा कि वह (मोदी) हमारे प्रधानमंत्री हैं और उनसे मेरी कोई लड़ाई नहीं है।

नहीं भरूंगा जुर्माना
जेएनयू कैंपस में कथित तौर पर देश विरोधी नारे लगाने के आरोप में जेएनयू प्रशासन ने कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान पर कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ सजा का ऐलान किया है। प्रशासन ने कुमार पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है, जबकि उमर और अनिर्बान को एक सेमेस्टर के लिए निलंबित किया गया गया है। कन्हैया ने प्रशासन के इस फैसले को खारिज करते हुए कहा है कि वह जुर्माना नहीं भरेंगे। उन्होंने आगे बताया कि इस फैसले के विरोध में जेएनयू के छात्र मार्च निकालेंगे और इसके बाद सभी छात्र अनशन पर बैठ जाएंगे। कन्हैया ने कहा कि समिति ने जो हमारे खिलाफ फैसला सुनाया है हम उसे नहीं मानेंगे। उच्च जांच स्तरीय समिति जातिवादी है। हमें इसकी रिपोर्ट और इसके एक्शन को मानने की कोई जरूरत नहीं है।

वाम दलों ने जताया विरोध
जेएनयू प्रशासन द्वारा तीन छात्रों पर सख्त कार्रवाई और छात्र अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर दस हजार का आर्थिक जुर्माना लगाने का वाम दलों ने विरोध किया है। राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए वाम दलों ने जेएनयू प्रशासन के इस कदम को
प्रतिशोधात्मक कार्रवाई करार दिया। माकपा के तपन सेन ने कहा कि छात्रों के खिलाफ जो कार्रवाई की गई है, वह पूरी तरह से गलत है।

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