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कर्नाटक: CM कुमारस्वामी आज कर सकते हैं मंत्रिपरिषद का विस्तार

चुनावी हार के बाद से सीएम पर था मंत्रिपरिषद के विस्‍तार का दबाव गठबंधन के असंतुष्‍ट विधायक खुलेआम दे रहे थे सरकार के खिलाफ बयान एएच विश्‍वनाथ ने दे दिया था जेडीएस अध्‍यक्ष पद से इस्‍तीफा

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Dhirendra Kumar Mishra

Jun 12, 2019

Kumarswamy

कर्नाटक: CM कुमारस्वामी आज कर सकते हैं मंत्रिपरिषद का विस्तार

नई दिल्‍ली। कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी बुधवार को अपने कैबिनेट का विस्तार कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक कैबिनेट विस्तार की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हालांकि यह साफ नहीं है कि कुमारस्वामी अपने मंत्रिपरिषद में किन-किन नए चेहरों को जगह देने वाले हैं। जेडीएस और कांग्रेस सहित किन-किन विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा इस बात को लेकर भी स्थिति स्‍पष्‍ट नहीं है।

4 दिन पहले वजुभाई वाला से मिले थे सीएम

दरअसल, लोकसभा चुनाव के बाद से कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार के स्‍थायित्‍व को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे थे। मंत्री पद को लेकर दोनों पार्टियों के विधायकों में असंतोष चरम पर पहुंच गया था। इतना ही नहीं निर्दलीय विधायकों का भी सरकार के ऊपर मंत्री बनाने का दबाव है। इसलिए मंत्रिमंडल का विस्‍तार अपेक्षित कदम ही माना जा रहा है। सीएम कुमारस्वामी ने इस बात की घोषणा चार दिन पहले राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात के बाद ट्वीट के जरिए की थी। इससे पहले सीएम कुमारस्‍वामी ने कांग्रेस के नेताओं के साथ विस्‍तार को लेकर चर्चा की थी।

चार दिन पहले कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने ट्वीट कर बताया था कि मेरी राज्यपाल से मुलाकात हुई है। उनसे कैबिनेट विस्तार के लिए समय देने का अनुरोध किया है। उन्होंने शपथ दिलाने के लिए 12 जून यानि बुधवार, पूर्वाह्न साढ़े ग्यारह बजे का समय तय किया है। बता दें कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और जेडीएस एस के खराब प्रदर्शन के बाद कैबिनेट विस्तार होने की उम्मीद की जा रही थी।

मंत्रिपरिषद में खाली हैं 3 पद

कर्नाटक में कुल 34 मंत्री पद हैं। इनमें से कांग्रेस और जेडीएस ने एक सहमति के तहत क्रमश: 22 और 12 पद साझा किए हैं। वर्तमान में तीन पद खाली हैं, दो जेडीएस और एक कांग्रेस से। गठबंधन के लिए मुश्किल उस समय शुरू हुई थी जब जेडीएस प्रदेश प्रमुख एएच विश्वनाथ ने गठबंधन के कामकाज की आलोचना करते हुए अपना पद छोड़ दिया था। कांग्रेस के दो वरिष्ठ विधायकों ने आम चुनाव में हार के लिए पार्टी के प्रदेश नेताओं पर निशाना साधा था।

कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक रामलिंगा रेड्डी ने भी पार्टी प्रदेश नेतृत्व पर निशाना साधा था और आरोप लगाया था कि पार्टी में वरिष्ठ नेताओं को नजरंदाज किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि वर्तमान स्थिति जारी रही तो वरिष्ठों के लिए पार्टी में बने रहना मुश्किल होगा।

कुछ दिन पहले कांग्रेस नेता रोशन बेग ने कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल, कर्नाटक प्रदेश प्रमुख दिनेश ***** राव और सिद्धरमैया पर निशाना साधा था।

असंतोष चरम पर
बता दें कि लोकसभा चुनाव में भाजपा ने कर्नाटक में 28 सीटों में से 25 सीटों पर जीत दर्ज की थी। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार एस अंबरीश ने मांड्या सीट पर कुमारस्वामी के पुत्र निखिल स्‍वामी को हराया था। निखिल स्‍वामी की हार को एचडी देवेगौड़ा और सीएम कुमारस्‍वामी को बड़ा झटका माना जा रहा है। उसके बाद से कैबिनेट विस्तार को चुनाव में हार के बाद उभर रहे असंतोष पर काबू पाने के एक तरीके के तौर पर देखा जा रहा है।