चुनाव के नतीजों में बीजेपी-अकाली दल को सिर्फ 21 सीटें मिली हैं।
लुधियाना:आम आदमी पार्टी के लिए इन दिनों कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। एक तरफ तो जहां दिल्ली में पार्टी की सत्ता है, वहां पार्टी के विधायक मुख्य सचिव के साथ मारपीट के आरोप में गिरफ्तार हो रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ चुनावों में भी आम आदमी पार्टी की किस्मत खराब चल रही है।
39 में से 1 ही वॉर्ड पर AAP की हुई जीत
मंगलवार को लुधियाना नगर निगम की 95 सीटों के नतीजे आम आदमी पार्टी के लिए काफी निराशा भरे रहे। यहां पर आम आदमी पार्टी के 39 उम्मीदवारों में से सिर्फ 1 ही उम्मीदवार को जीत नसीब हो पाई है। 95 सीटों पर 24 फरवरी को मतदान हुआ था और आम आदमी पार्टी ने एलआईपी के साथ मिलकर 39 सीटों पर अपने कैंडिडेट उतारे थे। इसमें से 56 सीटों पर एलआईपी के उम्मीदवार चुनाव लड़े थे।
कांग्रेस ने बीजेपी-अकाली दल को पछाड़ा
वहीं कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर से यहां चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया है। कांग्रेस पार्टी ने 95 वॉर्ड में से 62 वॉर्ड पर जीत दर्ज की है तो वहीं बीजेपी-अकाली दल गठबंधन की 21 वॉर्ड पर जीत हुई है। इनमें से 10 वॉर्ड पर बीजेपी के उम्मीदवार तो वहीं 11 वॉर्ड पर अकाली दल के उम्मीदवार जीते हैं। सबसे फिसड्डी आम आदमी पार्टी रही है।
AAP के बलविंदर कौर जीते
आम आदमी पार्टी की तरफ से बलविंदर कौर ने वॉर्ड नंबर 11 पर कांग्रेस प्रत्याशी को सिर्फ 11 हजार वोटों से हराया है। यही एकमात्र सीट AAP जीत पाई है। पार्टी ने 39 सीटों पर अपने कैंडिडेट उतारे थे। वहीं नवनिर्मित एलआईपी 7 वार्ड्स जीतने में कामयाब रही। बता दें कि एलआईपी और आप ने मिलकर नगर निगम चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में चार निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी जीत हासिल की।
24 फरवरी को हुआ था मतदान
आपको बता दें कि लुधियाना नगर निगम के 95 वार्ड्स पर 24 फरवरी को वोटिंग हुई थी। इस चुनाव में 494 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। अकाली दल और बीजेपी ने मिलकर क्रमश: 48-47 प्रत्याशी मैदान में उतारे थे, वहीं एलआईपी और आप ने मिलकर 56-39 प्रत्याशी उतारे थे। वार्ड नंबर 44 के पोलिंग बूथ 2 और 3 में बोगस वोटिंग के कारण सोमवार को दोबारा चुनाव हुए थे। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 24 फरवरी को करीब 60 फीसदी वोटरों ने मतदान किया था।