मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने महाराष्ट्र कैबिनेट के 3 बड़े नेताओं को झटका दिया है। इनमें विनोद तावड़े,पंकजा मुंडे और प्रकाश मेहता शामिल है। कैबिनेट में इन तीनों का कद छोटा कर दिया है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खास चंद्रकांत दादा पाटिल को बेहद महत्वपूर्ण राजस्व मंत्रालय का जिम्मा मिला है। यह विभाग पहले भाजपा नेता एकनाथ खडसे के पास था।
पाटिल के पास लोक निर्माण,राजस्व और पुर्नवास विभाग भी है। इससे पहले पाटिल सहकारिता मंत्रालय का जिम्मा संभाल रहे थे।भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते एकनाथ खडसे ने हाल ही में इस्तीफा दिया था। विनोद तावड़े से मेडिकल शिक्षा का विभाग लेकर गिरीश महाजन को दिया गया है। तावड़े को स्कूली शिक्षा और उच्च तथा तकनीकी शिक्षा विभाग का कार्यभार सौंपा गया है। कैबिनेट फेरबदल में पंकजा मुंडे के पास से जल संरक्षण का पोर्टफोलियो वापस ले लिया गया है।
मुंडे से फडणवीस के फ्लैगशिप प्रोग्राम जययुक्त शिवार योजना का कार्यभार भी छिन गया है। इस योजना को विश्व बैंक से तारीफ मिली थी। अब यह जिम्मा राम शिंदे को दिया गया है। वहीं मेहता से श्रम विभाग लेकर संभाजी राव को दे दिया गया है। कैबिनेट के कई सदस्यों के दबाव की वजह से पोर्टफोलियो निर्धारण में 24 घंटे से ज्यादा की देरी हुई। कई कैबिनेट सदस्य,जिनके पास 4-5 विभाग थे,खराब प्रदर्शन के बाद भी वे इनमें से कुछ विभागों को खोना नहीं चाहते थे। फडणवीस ने पोर्टफोलियोज की लिस्ट राज्यपाल विद्यासागर राव को सौंप दी है और 5 दिन के रूस के दौरे पर निकल गए हैं।
एक भाजपा नेता ने बताया कि अपने सख्त फैसलों के बाद फडणवीस कैबिनेट के शक्तिशाली नेताओं का सामना नहीं कर सकते थे,इसलिए रूस के दौरे पर निकलने से कुछ वक्त पहले ही उन्होंने सूची तैयार कर राज्यपाल को सौंप दी। वरिष्ठ भाजपा नेता पांडुरंग फंडकर को कृषि और बागबानी विभाग दिया गया है। राज्यमंत्री से प्रमोट कर कैबिनेट मंत्री बनाए गए राम शिंदे जल संरक्षण और प्रोटोकॉल विभाग देखेंगे। जयकुमार रावल को रोजगार गारंटी योजना विभाग और पर्यटन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुभाष देशमुख को सहकारिता,मार्केटिंग और कपड़ा मंत्रालय,भाजपा की सहयोगी आरएसपी के नेता महादेव जनकर को पशुपालन,डेयरी विकास व मत्स्य पालन विभाग का जिम्मा दिया गया है।