पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र शासन संशोधन विधेयक, 2021 के खिलाफ अपना समर्थन जताया है। केजरीवाल ने कहा कि जो भी भारत और लोकतंत्र का समर्थन करता है वह इस बिल का विरोध जरूर करेगा।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार और दिल्ली की केजरीवाल सरकार एक बार फिर से आमने-सामने आ गई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र शासन संशोधन विधेयक, 2021 (Government of National Capital Territory of Delhi (Amendment) Bill, 2021) को लेकर केजरीवाल सरकार ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और अब इस लड़ाई में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी का भी साथ मिल गया है।
दरअसल, बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने NCT बिल के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। वहीं गुरुवार को इस मामले पर ममता बनर्जी ने केजरीवाल को एक पत्र लिखकर अपना समर्थन जताया है।
उन्होंने लिखा ’मैं केंद्र सरकार के कुटिल, लोकतंत्र विरोधी और संविधान विरोधी कदम के खिलाफ दिल्ली सरकार को हटाने और दिल्ली के सीएम का दर्जा कम कर उपराज्यपाल की शक्तियां बढ़ाने के विरोध में पूरी एकजुटता के साथ खड़ी हूं।‘
बनर्जी ने अपने पत्र में आगे लिखा है कि मैं प्रधानमंत्री के पद का सम्मान करती हूं, लेकिन मुझे अफसोस के साथ उनसे कहना पड़ रहा है कि आप चुने हुए मुख्यमंत्री से अधिक शक्तियां उपराज्यपाल को देना चाहते हैं। मैं इसकी निंदा करती हूं और मुझे लगता है कि लोकतंत्र में विश्वास रखने वाला प्रत्येक नागरिक इसका विरोध करेगा। मैं अरविंद केजरीवाल और चुनी हुई सरकार का समर्थन करती हूं लेकिन मनोनीत व्यक्ति का समर्थन नहीं कर सकती।
केजरीवाल ने जताया आभार
ममता बनर्जी का समर्थन मिलने से गदगद केजरीवाल ने ट्वीट कर आभार जताया। केजरीवाल ने कहा कि जो भी भारत और लोकतंत्र का समर्थन करता है वह इस बिल का विरोध जरूर करेगा। इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी के स्वास्थ्य और बंगाल चुनाव में उनकी जीत की भी कामना की।
केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा , 'केंद्र सरकार के असंवैधानिक कदम के खिलाफ समर्थन देने के लिये शुक्रिया दीदी। भारत और इसके लोकतंत्र की परवाह करने वाला कोई भी व्यक्ति इस विधेयक का समर्थन नहीं कर सकता। भाजपा सरकार से इस विधेयक को वापस लेने की आशा करता हूं। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। मैं आगामी चुनाव में आपकी जबरदस्त जीत की भी कामना करता हूं।'
आपको बता दें कि सोमवार को लोकसभा में गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र संशोधन विधेयक 2021 पेश किया। इसमें उपराज्यपाल की शक्ति को बढ़ाने और अधिक सशक्त करने का प्रवाधान है। यानी कि इस बिल के पास होने के बाद दिल्ली विधानसभा में किसी भी कानून को बनाने से पहले उपराज्यपाल की मंजूरी लेना जरूरी हो जाएगा। दिल्ली सरकार अपनी मर्जी से कोई नियम-कानून नहीं बना सकती है।
मनीष सिसोदिया के मुताबिक, इस बिल में कहा गया है कि दिल्ली में सरकार का मतलब उपराज्यपाल होगा और हर काम के लिए दिल्ली सरकार को पहले उपराज्यपाल की मंजूरी लेनी होगी। यदि ऐसा है तो फिर चुनी हुई सरकार की जरूरत ही नहीं है। इस कानून के बाद दिल्ली में उपराज्यपाल ही सुपर बॉस हो जाएगा।