
पूर्व केंद्रीय मंत्री व इटावा से सांसद राम शंकर कठेरिया को आज सेशन कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शनिवार को विशेष मजिस्ट्रेट एमपी/एमएलए कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा पर आज कोर्ट ने रोक लगा दी है। बता दें कि विशेष MP/MLA कोर्ट ने कठेरिया को मारपीट और बलवे के मामले में अपराधी मानते हुए 50 हजार रुपए जुर्माना और दो साल जेल की सजा सुनाई गई थी।
किस मामले में कोर्ट ने सुनाई थी सजा?
बता दें कि नवंबर 2016 में साकेत माल स्थित टोरेंट के कार्यालय में मैनेजर से मारपीट और बलवे के आरोप में आगरा के तत्कालीन सांसद (वर्तमान में इटावा) राम शंकर कठेरिया के विरुद्ध हरीपर्वत थाने में अभियोग दर्ज किया गया था। मामले में पुलिस ने राम शंकर कठेरिया के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय मे दाखिल किया था। विशेष मजिस्ट्रेट एमपी/एमएलए कोर्ट ने उन्हें बलवा और मारपीट को दोषी माना था। कोर्ट ने सांसद को वर्ष की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया था।
हालांकि सजा के मामले में दाखिल अपील काे सत्र न्यायालय ने स्वीकृ़त कर लिया। विशेष मजिस्ट्रेट एमपी/एमएलए कोर्ट द्वारा शनिवार को सुनाई गई दो वर्ष की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माने को स्थगित कर दिया है। मामले में सुनवाई के लिए जिला जज ने 11 सितंबर की तिथि तय की है।
अब तक किन नेताओं को गंवानी पड़ी सदस्यता?
सांसद रामशंकर कठेरिया पहले नेता नहीं हैं, जो किसी मामले में फंसे हैं। इससे पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव सजा पाने के बाद अपनी संसद सदस्यता गंवा चुके हैं। वहीं, एमबीबीएस सीट घोटाले में चार साल की सजा पाने के बाद कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य काजी रशीद अपनी सदस्यता गंवा चुके हैं। हमीरपुर के विधायक अशोक कुमार सिंह चंदेल, कुलदीप सेंगर और अब्दुल्ला आज़म को भी इसी एक्ट के तहत अपनी सदस्यता से हाथ धोना पड़ा है।
जनता दल यूनाइटेड के जगदीश शर्मा भी चारा घोटाले के मामले में दोषी ठहराए गए और 2013 में उन्हें भी लोकसभा की सदस्यता छोड़नी पड़ी। उस समय वे बिहार के जहानाबाद से सांसद थे। इनके अलावा लालू प्रसाद यादव, जगदीश शर्मा, आजम खान जैसे बड़े नेताओं को अपनी सदस्यता गंवानी पड़ी थी।
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Published on:
07 Aug 2023 04:38 pm
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