
13 दलों के साथ बना था एनडीए का कुनबाः इस साल सबसे ज्यादा दलों ने बनाई दूरी, रालोसपा दूसरी बड़ी पार्टी
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री और रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। इस इस्तीफे के बाद भाजपा से इस साल अलग होने वाला ये दूसरा बड़ा राजनीतिक दल बन गया है। इससे पहले चंद्रबाबू नायडू की अगुवाई वाला टीडीपी ने राजग से अलग होने का फैसला लिया था। माना जा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए का यूं टूटना और महागठबंधन का बढ़ना मोदी सरकार के लिए खतरे की घंटी है।
13 दलों के साथ शुरू हुआ था एनडीए
1998 में 13 राजनीतिक दलों के साथ मिलकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) बनाया गया था। हालांकि ये इस गठबंधन में एक साल बाद ही टूट-फूट शुरू हो गई। सबसे पहले एआईएडीएमके ने अपना रास्ता अलग कर लिया। इसके बाद 1999 में नए दलों के साथ मिलकर फिर से राजग का कुनबा बनाया गया। ये कुछ हद तक कामयाब भी रहा। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में सरकार बनी भी और पांच साल चली भी।
फिलहाल करीब 46 दल एनडीए में शामिल
मोदी लहर में एनडीए ने 2014 में जोरदार वापसी की और एक बार फिर एनडीए ने सरकार बनाई। एक समय में एनडीए के संयोजक रहे शरद यादव का राजग से मोह भंग हुआ तो संयोजन पद छोड़ने के साथ ही उन्हें अपनी ही पार्टी से भी अलग होना पड़ा। फिलहाल राजग की बात करें तो छोटी-ब़ड़ी पार्टियां मिलाकर करीब 46 दल एनडीए में शामिल हैं।
ऐसे अलग होते गए दल
भारतीय जनता पार्टी के अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में जगह-जगह गांठ पड़ने लगी है। आंध्र प्रदेश की सत्ताधारी तेलुगू देशम पार्टी के बाद पश्चिम बंगाल के गोरखा जनमुक्ति ने भी एनडीए से किनारा कर लिया है। कुछ दिनों पहले ही बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की अगुवाई वाला हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा एनडीए से नाता तोड़कर महागठबंधन से जा मिला। इनके बाद अब ताजा घटनाक्रम में उपेंद्र कुशवाहा के इस्तीके साथ रालोसपा ने भी राजग से दूरी बना ली।
Published on:
10 Dec 2018 01:59 pm
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