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राफेल डील: कांग्रेस की बढ़ी मुश्किलें, अंबानी ने कांग्रेस को थमाया लीगल नोटिस

भाजपा भ्रष्‍टाचार के मुद्दे पर नए सिरे से कांग्रेस के खिलाफ हमलावर रुख अपना सकती है।

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Dhirendra Kumar Mishra

Aug 22, 2018

ambani

कांग्रेस की बढ़ी मुश्किलें: अब राहुल गांधी के लिए चुनावी तुरुप का पत्‍ता साबित नहीं होगा 'राफेल डील'

नई दिल्‍ली। साल 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस राफेल डील के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरने की रणनीति में जोरदार तरीके से जुटी थी। लेकिन कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी के इस प्‍लान पर रिलायंस कंपनी प्रबंधन ने पानी फेर दिया है। अनिल अंबानी ने कांग्रेस को नोटिस जारी कर इस मुद्दे पर संभलकर बोलने की हिदायत दी है। अंबानी के इस रुख के बाद कांग्रेस के लिए अब राफेल डील पीएम मोदी के खिलाफ तुरुप का पता साबित नहीं होगा। न ही पार्टी इसे चुनावी मुद्दा बना पाएगी।

अब क्‍या करेंगे राहुल
रिलायंस कंपनी ने अपने इस रुख से राहुल गांधी के इरादों पर पूरी तरह से पानी फेर दिया है। ऐसा इसलिए कि कांग्रेस के दुष्‍प्रचार को कंपनी ने गंभीरता से लिया है। इसका सीधा लाभ मोदी सरकार और भाजपा को मिलने की उम्‍मीद है। ऐसा इसलिए कि कांग्रेस राफेल डील को लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार बनाने की योजना पर का काम कर रही थी। कांग्रेस के लिए अब ऐसा करना मुश्किल होगा। क्‍योंकि कंपनी साफ कर दिया है कि इस मुद्दे पर संभलकर न बोलने और कंपनी को बदनाम करने की स्थिति में मानहानि का दावा ठोक सकती है। ऐसे में कांग्रेस के लिए इसे लोकसभा चुनाव में मुद्दा बनाना आसान नहीं होगा।

भाजपा का हमलावार रुख
कंपनी के इस रुख का लाभ भाजपा उठाएगी। इस मामले में मोदी सरकार और भाजपा नेताओं का कहना है कि राफेल डील देश के हित में है। जिस जानकारी को राहुल गांधी लीक करने को कह रहे हैं उसे डील के प्रावधानों के मुताबिक पब्लिक डोमेन में नहीं उठाया जा सकता है। ऐसे में अंबानी की तरफ से नोटिस के बाद अगर कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे हटती है तो भाजपा इस बात का आरोप लगाएगी तक कांग्रेस के नेता मोदी सरकार को भ्रामक प्रचार और झूठ के आधार पर बदनाम करने में जुटे हैं। पीछे हटने पर भाजपा भ्रष्‍टाचार के मुद्दे पर एक बार फिर से हमलावर रुख अपना सकती है। नेशनल हेराल्‍ड सहित कई मुद्दों पर कांग्रेस को घेरने का काम कर सकती है। तय है कि ऐसी स्थिति में कांग्रेस के बजाय भाजपा को लाभ मिलेगा।

राहुल को पत्र लिखकर दी थी जानकारी
आपको बता दें कि राफेल एयरक्राफ्ट डील में घोटाले का आरोप लगाकर कांग्रेस सरकार को घेरने में जुटी है। इस राजनीतिक घमासान में फंसी अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस ने कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल को लीगल नोटिस भेजकर उन्हे जुबान संभालकर बोलने की चेतावनी दी है। कांग्रेस के भ्रामक प्रचार से परेशान रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी ने नोटिस जारी कर कांग्रेस प्रवक्‍ता शेरगिल कहा है कि वही बातें बोले जिसका उनके पास सबूत हो नहीं तो उन्हें इसका हर्जाना भुगतना पड़ सकता है। इससे पहले अंबानी ने फ्रांस के साथ राफेल लड़ाकू विमानों के सौदे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को एक पत्र लिखकर अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब दिया है।