
नई दिल्ली। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय बिना बीमा (इंश्योरेंस) चलने वाले वाहनों पर सख्ती करने के लिए मोटर वाहन अधिनियम में अहम बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। मंत्रालय ने सड़क सुरक्षा और बेहतर निगरानी के उद्देश्य से 61 प्रमुख संशोधनों की तैयारी की है। आगामी संसद सत्र में एक्ट में बदलाव से जुड़े बिल को पेश करने की तैयारी है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मोटर वाहन अधिनियम में सभी 61 प्रस्तावित संशोधन की बीते दिनों परिवहन मंत्रियों के सम्मेलन में जानकारी भी दी थी। आने वाले संसद सत्र में मोटर वाहन अधिनियम में कुछ संशोधन प्रस्तावित किए जाएंगे।
प्रस्तावित बदलावों के अनुसार, अब बिना बीमा वाले वाहनों को जब्त करने का अधिकार अधिकारियों को मिलेगा। नियम उल्लंघन और जुर्माना लंबित होने की स्थिति में आरसी को निलंबित किया जा सकेगा। वाहन खरीद की तारीख से ही पंजीकरण की वैधता मानी जाएगी।
ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण के समय ड्राइवर के चालान और व्यवहार का रिकॉर्ड देखा जाएगा। जिन लोगों का लाइसेंस पिछले तीन वर्षों में रद्द हुआ है, उन्हें नया लाइसेंस नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा, केंद्र सरकार ट्रैफिक अपराधों की निगरानी के लिए प्वाइंट सिस्टम लागू करेगी। थर्ड पार्टी बीमा को अनिवार्य रूप से वाहन मालिक, चालक और निजी वाहन में सवार व्यक्ति तक विस्तारित किया जाएगा। बीमा प्रीमियम को वाहन की उम्र और चालान इतिहास से जोड़ा जाएगा। कौशल और अनुभव के आधार पर ग्रेडेड लाइसेंस प्रणाली लाने का भी प्रस्ताव है।
एक और अहम बदलाव ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर है। आम लोगों और कारोबार को सुविधा देने के लिए राज्यों को स्टेज कैरिज परमिट कम से कम पांच साल के लिए जारी करने का अधिकार मिलेगा। वाहन एग्रीगेटर्स के लिए नियम बनाए जाएंगे और उनके आवेदनों का निपटारा तीन महीने में किया जाएगा। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करना अनिवार्य होगा। मंत्रालय के मुताबिक इन बदलावों से सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, ट्रैफिक नियमों का पालन बढ़ेगा और बिना बीमा वाहनों की संख्या में कमी आएगी।
1. सड़क सुरक्षा में सुधार
2. कारोबार करने में सुगमता
3. नागरिक सेवाएं
4. बेहतर नियमन
5. बेहतर आवागमन (मोबिलिटी)
6. उत्सर्जन संबंधी नियम
7. परिभाषाओं और भाषा का सरलीकरण
8. वैश्विक मानकों के अनुरूप समन्वय
Updated on:
12 Jan 2026 05:05 pm
Published on:
12 Jan 2026 05:05 pm
