
नई दिल्ली। एक ओर जहां गुजरात व हिमाचल में विधानसभा और अगले वर्ष होने वाले आम चुनावों को लेकर बीजेपी एक्टिव मोड़ में आ गई है। वहीं पीएम नरेन्द्र मोदी ने अपने मंत्रियों के कुछ कामों से काफी नाराज हैं। पीएम की नाराजगी का खुलासा तब हुआ जब उन्होंने बुधवार को केबिनेट की बैठक ली। बैठक् में पीएम ने कहा कि केंद्र के मंत्री ट्वीट के द्वारा सिर्फ अपने या अपने मंत्रालय के प्रचार-प्रसार में लगे हैं और वे सरकार की उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार नहीं कर रहे।
मंत्रियों को सौंपी नई जिम्मेदारी
जानकारी के मुताबिक कैबिनेट की बैठक में पीएम ने सभी मंत्रियों को दिया निर्देश दिया कि वे सरकार की उपलब्धियों से संबंधित खबरों को भी रीट्वीट करें। पीएम ने मंत्रियों द्वारा केवल अपने ही विभाग और निजी कार्यों संबंधी खबरों को ट्वीट करने पर नाराजगी जाहिर की। इसके अलावा बैठक में कैबिनेट ने एनसीटीई की इजाजत के बिना टीचर एजुकेशन कोर्स चलाने वाली युनिवर्सिटीज को रेट्रोस्पेक्टिव मान्यता देने संबंधी बिल को भी मंजूरी दे दी है। पीएम की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में पब्लिक सेक्टर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को आपूर्ति के लिए एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल कार्यक्रम के तहत इस्तेमाल होने वाले एथेनॉल के लिए कीमत में संधोधन को मंजूरी भी दी।
रोजगार को लेकर दिए थे आदेश
बता दें कि चुनावी सीजन को ध्यान में रखते हुए पीएम मोदी अपने सभी मत्रियों को सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने और अपने मंत्रालयों का रिपोर्ट देते रहने की बात की थी। यही नहीं पीएम ने जनवरी में मंत्रियों को उनके मंत्रालयों के अंतर्गत बनने वाली नौकरियों का ब्यौरा उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया था। जिसके चलते उन्ळोंने अगले दो साल में रोज़गार पर फोकस रखने की बात कही थी। पीएम ने मंत्रियों द्वारा केवल अपने ही विभाग और निजी कार्यों संबंधी खबरों को ट्वीट करने पर नाराजगी जाहिर की
Updated on:
01 Nov 2017 05:53 pm
Published on:
01 Nov 2017 05:51 pm
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