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पीएम मोदी ने की अमित शाह की तारीफ, कहा- सदन में विरोधियों को अच्‍छे तरीके से समझाया नागरिकता का पाठ

लोकसभा में देर रात पास हुआ नागरिकता संशोधन बिल कांग्रेस सहित करीब एक दर्जन नेताओं ने किया बिल का विरोध इस बिल से भारतीय संस्‍कृति व मूल्‍यों को मिलेगी मजबूती

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नई दिल्ली। सोमवार को लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल 2019 ( Citizenship Amendment Bill 2019) पास होने के बाद पीएम मोदी ने गृहमंत्री अमित शाह को बधाई दी। पीएम ने कहा कि मैं नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 के सभी पहलुओं को साफ तौर पर समझाने के लिए गृह मंत्री अमित शाह का विशेष रूप से सराहना करता हूं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अमित शाह ने लोकसभा में बहस के दौरान सांसदों की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब भी दिया। मैं इसके लिए शाह की विशेष सराहना करता हूं।

पीएम मोदी ने कहा कि मैं नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2019 के सभी पहलुओं को साफ तौर पर समझाने के लिए गृह मंत्री अमित शाह का विशेष रूप से सराहना करता हूं। उन्होंने लोकसभा में बिल पर चर्चा के दौरान सांसदों की ओर से उठाए गए कई बिंदुओं पर विस्तार से जवाब भी दिया।

बिल पास होने पर खुशी जताते हुए एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा मुझे खुशी है कि लोकसभा ने एक समृद्ध और व्यापक बहस के बाद नागरिकता (संशोधन) बिल, 2019 पास हुआ। मैं उन सभी सांसदों और पार्टियों को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने बिल का समर्थन किया। यह बिल भारत के सदियों पुराने मानवीय मूल्यों में विश्वास के अनुरूप है।

बिल के समर्थन में मिला 311 वोट

बता दें कि सोमवार दोपहर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस बिल को लोकसभा में पेश किया था। भारी हंगामे, देर रात तक चली चर्चा और मतविभाजन के बाद लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill 2019) पास हो गया। मतविभाजन के दौरान जहां बिल के पक्ष में 311 वोट पड़े तो वहीं विपक्ष में 80 वोट पड़े।

पाकिस्‍तान और बांग्‍लादेश से क्‍यों गायब हो गए हिंदू

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि 3 देश पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के संविधान में इस्लाम को राज्य धर्म बताया है। उन्होंने कहा कि वहां अल्पसंख्यकों को न्याय मिलने की संभावना लगभग खत्म हो जाती है। 1947 में पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की आबादी 23 फीसदी थी। 2011 में ये 3.7 फीसदी पर आ गई।

अमित शाह ने कहा कि बांग्लादेश में 1947 में अल्पसंख्यकों की आबादी 22 फीसदी थी जो 2011 में 7.8 फीसदी हो गई। आखिर कहां गए ये लोग जो लोग विरोध करते हैं उनसे मैं पूछना चाहता हूं कि अल्पसंख्यकों का क्या दोष है कि वो इस तरह क्षीण किए गए?

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