-गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक सफलता में पर्दे के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत अन्य नेताओं की रही सक्रियता
सूरत. गुजरात में भाजपा ने शानदार ऐतिहासिक सफलता हासिल की है और सातवीं बार सरकार बनाने जा रही है। अगले एक-दो दिन में गुजरात को नए मुख्यमंत्री के रूप में भूपेंद्र पटेल फिर से मिल जाएंगे। भाजपा की इस प्रचंड जीत में दिन-रात एक कर देने वाले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल तो खूब दिखाई दिए, लेकिन पार्टी संगठन के कुछ ऐसे पदाधिकारियों की भी इसमें उतना ही योगदान रहा है। हालांकि वे पूरे चुनाव प्रचार के दौरान कहीं दिखाई नहीं दिए। इन्हीं में भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री रत्नाकर भी शामिल है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय अमित शाह ने विधानसभा चुनाव के दौरान पिछले दिनों गुजरातभर में धुंआधार प्रचार किया और दर्जनों सभा, रैली व रोड शो किए। भाजपा की गुजरात 150 प्लस जीत का फार्मूला तैयार करने व उसे पूरे प्रदेश की 182 विधानसभा सीटों तक पहुंचाने में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल ने लगातार मेहनत की। गुजरात 150 प्लस के फार्मूले की रूपरेखा भी सूरत महानगर में जुलाई माह में आयोजित भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में तैयार कर ली गई बताई थी। इस बैठक में आसन्न विधानसभा चुनाव को ध्यान में रख कई आवश्यक निर्णय कर प्रदेशभर से आए संगठन पदाधिकारियों के माध्यम से प्रत्येक मतदान केंद्र पर गठित बूथ शक्ति केंद्र तक पहुंचाए गए थे। इसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल व संगठन महामंत्री रत्नाकर की अहम भूमिका रही थी। इसके बाद ज्यों-ज्यों विधानसभा चुनाव नजदीक आते गए त्यों-त्यों संगठन के दोनों पदाधिकारी पर्दे के पीछे व पर्दे के सामने वाली भूमिका में आते रहे।
-दोनों का है बनारस से पुराना साथ
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल व संगठन महामंत्री रत्नाकर गुजरात संगठन में अहम पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, लेकिन दोनों का संगठन स्तर पर कार्य करने का साथ-सहयोग पुराना है। 2014 व 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र काशी संसदीय क्षेत्र में जहां सीआर पाटिल सूरत से वहां पहुंचते रहे वहीं, रत्नाकर ने भी काशी में मौजूद रहकर बखूबी जीत का मार्ग प्रशस्त किया था। सीआर पाटिल के हटकर प्रयोग पेज समिति को पूरे उत्तरप्रदेश में संगठन स्तर पर पहुंचाने में भी रत्नाकर की बड़ी भूमिका रही थी।
-यूं निभाई चुनाव में भूमिका
डेढ़ साल पहले भाजपा के संगठन महामंत्री बनकर बिहार से गुजरात आए रत्नाकर ने थोड़े ही समय में पार्टी संगठन के निष्ठावान कार्यकर्ताओं के बीच गहरी पकड़ बनाई। इस दौरान उन्होंने प्रदेशभर में पांच बार प्रवास किया और बूथ, मंडल व जिला-महानगर स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधा सम्पर्क किया। विधानसभा चुनाव से तीन महीने पहले प्रत्येक विधानसभा में भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को विस्तारक के रूप में बूथ स्तर पर कार्य के लिए नियुक्त किया। विधानसभा चुनाव के दौरान वे लगातार विस्तारक के रूप में तैनात कार्यकर्ताओं के सम्पर्क में रहे।
-दलसाणिया के स्थान पर बने संगठन महामंत्री
पिछले वर्ष अगस्त में रत्नाकर को गुजरात प्रदेश संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी पार्टी संगठन ने सौंपी थी। रत्नाकर से पहले यह जिम्मेदारी प्रदेश में लम्बे समय से भीखू दलसाणिया संभाल रहे थे, उन्हें बाद में पार्टी ने बिहार में संगठन महामंत्री के रूप में कार्यभार सौंपा गया था। रत्नाकर के गुजरात संगठन संभालने के बाद गुजरात में बड़ा परिवर्तन विजय रुपाणी सरकार में बदलाव के रूप में भाजपा संगठन ने किया था और तभी से प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल व संगठन महामंत्री रत्नाकर की भूमिका गुजरात प्रदेश में काफी अहम हो गई थी।